शासन की ओर से नगर निगम के 28 करोड़ रुपये और विकास प्राधिकरण के आठ करोड़ रुपये के बजट को मंजूर कर पहली किस्त जारी कर दी गई है। इसके साथ ही जिला प्रशासन के आग्रह पर छावनी परिषद को भी केंद्र सरकार की ओर से सवा दो करोड़ रुपये जारी कर दिया गया है।
जी-20 के शिखर सम्मेलन से पहले शहर को भिखारी मुक्त करने के अभियान को पूरा किया जाएगा। शहर में अब तक 12 सौ भिखारियों को चिह्नित किया गया है। इसमें सबसे ज्यादा भिखारी गोदौलिया इलाके में हैं। यहां अलग-अलग उम्र वर्ग के करीब 350 भिखारी सक्रिय हैं और इसके बाद करीब 250 भिखारी सारनाथ में चिह्नित किए गए हैं। इसके अलावा घाट, लंका, कचहरी सहित अन्य इलाकों में हैं। प्रशासन ने सामने घाट स्थित आश्रम के साथ बातचीत कर इन भिखारियों के पुनर्वास की योजना बनाई है।
जी-20 की पांच बैठकों की तिथि तय हुई है। सभी विभागों के बजट शासन से स्वीकृत हो गए हैं और उन्हें पहली किस्त जारी कर दी गई है। मार्च के अंतिम सप्ताह तक विभागों को काम पूरा कराने का लक्ष्य दिया गया है। इससे पहले शहर को भिखारीमुक्त करने का अभियान को पूरा किया जाएगा। - कौशल राज शर्मा, मंडलायुक्त