वाराणसी। गुरुवार को हज जाइरीन का तीसरा जत्था काशी से मदीना के लिए रवाना हुआ। तीसरे जत्थे में सर्वाधिक हज जाइरीन बनारस के ही थे। ऐसे में एक-एक हज जाइरीन को छोड़ने के लिए पचासों लोगों का काफिला हज हाउस पहुंचा था। इस वजह से हज हाउस में जबरदस्त भीड़ उमड़ गई थी। भीड़ के दबाव में जहां गर्मी और उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया था।
तीसरे जत्थे में बनारस के 164 जाइरीन शामिल थे। जाइरीन को छोड़ने के लिए आई भीड़ की वजह से ही गौतम बुद्ध एक्जीबिशन एंड ट्रेड सेंटर में जाइरीन की इंट्री के दौरान जबरदस्त धक्का मुक्की भी हुई। मेन रोड पर जमा लग गया सो अलग। भीड़ के दबाव के कारण सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर अपनों को विदा करने के लिए लोग ट्रेड सेंटर की ओर भी घुस गए, जहां पर जाइरीन
के साथ केवल एक ही अटेंडेंट को जाने की अनुमति है। इतना ही नहीं एयरलाइंस हॉल, जहां से जाइरीन की सिक्योरिटी की जिम्मेदारी एयरलाइंस के हवाले हो जाती है और वहां सिर्फ हजयात्री को ही अनुमति है, वहां तक कई जाइरीन के घरवाले पहुंच गए थे। गुरुवार को तीसरे जत्थे के हज जाइरीन
को लेकर पहली बस तीन बजे रवाना हुई। मौलाना रियाज अहमद कादरी ने दुआ की। ...नारे तकबीर, ...अल्लाहु अकबर, ...लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक के नारों के साथ बस को रवाना किया। मास्टर हज ट्रेनर डा. अकबर अली व अदनान खां के साथ ही डा. अमीन, परवेज अहमद जोखू आदि जाइरीन की देखरेख में लगे रहे।