प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वोटरों को जो सपने दिखाए थे, अपनी तीसरी यात्रा में उनकी तामीर करने आ रहे हैं। नवंबर माह में प्रधानमंत्री ने शहर में तारों के जाल पर चिंता जताई थी। अब प्राचीन काशी की सूरत झूलते तारों के जाल में उलझी नजर नहीं आएगी।
पक्के महाल के तारों भूमिगत करने की योजना की शुरुआत करेंगे। वे अपने संसदीय क्षेत्र में आएंगे हवाई मार्ग से लेकिन पहली बार बाबतपुर हवाई अड्डे तक सड़क मार्ग से लौटेंगे। इस बदहाल सड़क पीएम के लिए गड्ढ़ा मुक्त कर दी गई है लेकिन अब यह हमेशा गड्ढा मुक्त रहेगी क्योंकि यह बेहतरीन फोर लेन सड़क में तब्दील हो जाएगी।
प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र में नौ घंटे के प्रवास में 325 से ज्यादा लोगों भेंट, डीजल रेल कारखाना ग्राउंड में 20 हजार की जनसभा को संबोधन के साथ-साथ जिन 2200 करोड़ से ज्यादा की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे उनमें बाबतपुर-वरुणापुल फोर लेन भी शामिल है। महज 17 किलोमीटर की इस सड़क को नेशनल हाईवे एथारिटी आफ इंडिया 450 करोड़ रुपये में बनाएगी।
इस पर शहर का सबसे लंबा फ्लाईओवर होगा। रेलवे ओवरब्रिज होंगे। हवाई जहाज से उतरने वाले सैलानी को एहसास तक नहीं होगा कि वह कब जाम में फंसे बगैर शहर में दाखिल हो गया। पीएम आउटर रिंग रोड की भी आधारशिला रखेंगे, जिसके पहले चरण में 261 करोड़ से संदहा से हरहुआ तक सड़क बनेगी।
डीरेका मैदान में शहरों में विद्युत सुधार की इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट सिस्टम (आईडीपीएस की) की राष्ट्रीय स्तर पर लांचिंग करेंगे। कुल 26 हजार करोड़ रुपये से अधिक की इस योजना में पूर्वांचल के 22 शहरों को 1280 करोड़ हिस्सा मिलेगा।
इसमें 618 करोड़ बनारस, सारनाथ और गंगापुर में विद्युत सुधार पर खर्च होंगे। पक्का महाल में तारों को भूमिगत करने चौक और कज्जाकपुरा में 33 केवी दो उपकेंद्र बनाने पर 423 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। चौक में सूबे का पहला गैस इंसुलेटेड उपकेंद्र बनाया जाएगा जो महज 300 वर्ग मीटर में बन जाएगा।
प्रधानमंत्री इसके अलावा रिमोट से 197 करोड़ में बने ट्रामा सेंटर का लोकार्पण और रामनगर में आरक्षण बुकिंग केंद्र का शुभारंभ करेंगे। समारोह में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल, रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा और सूबे के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन मौजूद रहेंगे।