फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीईओ-पुजारियों की रार पर शासन का हस्तक्षेप

Thu, 17 Sep 2015 02:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
विज्ञापन
दक्षिणा और चढ़ावे में हेराफेरी की शिकायतों के बीच विश्वनाथ मंदिर की व्यवस्था सुधारने के लिए बुधवार को शासन ने सीधा हस्तक्षेप किया। लखनऊ बुलाए गए तीन पुजारियों की प्रमुख सचिव धर्मार्थ कार्य के सामने पेशी हुई। गर्भगृह में दक्षिणा लेने के आरोप में निलंबित वरिष्ठ अर्चक डॉ. गणपति झा ने मंदिर में व्याप्त गड़बड़ी और मौजूदा हालात से संबंधित पत्र भी प्रमुख सचिव को सौंपा।
विज्ञापन

 इस दौरान मौजूद रहे मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ)अजय कुमार अवस्थी को जहां अर्चकों समेत अन्य कर्मचारियों को साथ लेकर चलने की नसीहत दी, वहीं दक्षिणा लेने के आरोप में निलंबन और तबादले की मार झेल रहे पुजारियों को माफीनामा देेने के लिए कहा।
लिखित माफीनामा देने के बाद दोनों अर्चकों को बख्श देने के लिए कहा गया। अर्चकों के निलंबन के बाद से पुजारी और मंदिर प्रशासन के आमने-सामने आने के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू होने से शासन भी चिंतित हो उठा है।
विज्ञापन

लखनऊ स्थित बापू भवन में प्रमुख सचिव (धर्मार्थ कार्य) नवनीत सहगल के सामने निलंबित अर्चक डॉ. गणपित के अलावा गर्भगृह से हटाकर ब्रह्मेश्वर मंदिर भेजे गए नीरज पांडेय के अलावा हाल में ही सकलडीहा(चंदौली)से तबादला निरस्त कराकर गर्भगृह में वापसी करने वाले अर्चक डॉ. श्रीकांत मिश्र पेश हुए।
दिन के 11 बजे के बाद तीनों अर्चकों से प्रमुख सचिव ने सीईओ की मौजूदगी में पूछताछ की। इस दौरान मंदिर में उत्पन्न हालात को दुरुस्त करने के लिए सबको साथ लेकर चलने के लिए सीईओ को ताकीद दी गई। इसके अलावा पुजारियों से कहा गया कि वह अपनी आदतों में सुधार लाएं।
वह अपना काम ठीक करें, बाकी जो लोग गड़बड़ी कर रहे हैं या करेंगे वह भोगेंगे। अर्चकों ने मामूली मानदेय मिलने की वजह से परिवार का गुजारा न हो पाने की भी बात रखी। इस पर प्रमुख सचिव का कहना था कि चालू महीने के अंत तक न्यास परिषद की बैठक होगी, उसमें इस तरह के प्रस्ताव पर चर्चा कराकर कदम उठाया जाएगा, लेकिन शिकायतें नहीं मिलनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें