लोहता। वरुणा नदी पर बना कोरौत पुल आखिरकार आठ साल बाद शुरू हो गया। लोक निर्माण एवं सिंचाई राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल ने मंगलवार को पुल के साथ-साथ हरहुआ-कोइराजपुर के दो किलोमीटर लंबे संपर्क मार्ग का भी लोकार्पण किया।
इस पुल से कोटवां इलाके से कचहरी की दूरी 20 किलोमीटर से घटकर आधी रह जाएगी। क्षेत्र के निवासियों को शहर में लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी।
अब तक कोटवां समेत आसपास के दर्जन भर से अधिक गांवों के बाशिंदों को लहरतारा, कैंट होते हुए कचहरी की तरफ जाना पड़ता था।
लोकार्पण समारोह में मंत्री ने कहा कि वर्ष 2006 में अगस्त माह में इस पुल का शिलान्यास करते समय उन्होंने नहीं सोचा था कि वह इसका लोकार्पण भी करेंगे।
बहुजन समाज पार्टी की सरकार ने पुल का काम ही बंद करा दिया था, इससे निर्माण में देरी हुई। उन्होंने कहा कि राजनीति में बहुत से बाजीगर और जादूगर आ गए हैं।
जनता जौहरी है और उसे राजनीति के नगीनों की परख करनी होगी। इसमें धोखा खाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि नेता जनता का सेवक होता है और उसे जनता की सुविधाओं की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।
सपा सरकार आने के बाद पुल का निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराया है।
मंत्री ने कहा कि देर होने के कारण पुल की लागत बढ़ गई। इस पर कुल 7.62 करोड़ रुपये खर्च हुए। जिसमें 79.4 मीटर लंबे पुल पर 2.57 करोड़, एप्रोच मार्ग पर 2.25 करोड़ और भूमि अधिग्रहण में 2.79 करोड़ रुपये की लागत आई है।
पुल से कोइराजपुर की तरफ की सड़क बन गई है लेकिन कोरौती की सड़क को पक्का बनाने की प्रक्रिया चल रही है। मंत्री ने अधिकारियों के काम तेजी से पूरा करने को कहा। इस अवसर पर रोहनिया विधायक महेंद्र पटेल, कोरौत के ग्राम प्रधान कमला यादव, जिला पंचायत सदस्य योगेश सिंह, कमला यादव, मोदी यादव, रामबालक पटेल, प्रकट नारायण सिंह, सेतु निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक राकेश राजवंशी, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एके वार्ष्णेय मौके पर मौजूद रहे।
इन गांवों को होगी आसानी
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कोईराजपुर, कोरौता, गोसाईंपुर, मंसापुर, कैलहट, हरहुआ, लोहरापुर, भक्तूपुर, अयोध्यापुर, विट्ठलपुर, सखनपुर, महेशपुर, मंगलपुर, अनंतपुर सहित एक दर्जन गांवों के निवासियों को आवागमन में सहूलियत होगी।