आयुष्मान भारत योजना में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आता जा रहा है। एक ओर जहां फर्जी कागजात लगाकर गोल्डेन कार्ड बनवाया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर योजना में आयुष्मान मित्र बनाने का नया खेल शुरू हो गया है। स्वास्थ्य विभाग में नियुक्ति को लेकर हर दिन फोन आने के साथ ही इसकी शिकायत भी पहुंच रही है।
ऐसे लोगों पर नजर रखने के लिए अब जिलेवार एक मॉनीटरिंग कमेटी का गठन करने की तैयारी चल रही है। मंडलीय अस्पताल में तो एक महीने में ऐसे 78 मामले पकड़े जा चुके हैं और उनका पंजीकरण निरस्त हो चुका है। अब आयुष्मान मित्र बनाए जाने के नाम पर ठगी हो रही है। कुछ जगहों पर तो युवकों से भर्ती के नाम पर मोटी रकम भी ले लिए गए हैं।
इस तरह की अब तक दर्जनों शिकायत लखनऊ स्वास्थ्य विभाग के साथ ही सीएमओ कार्यालय सहित अन्य जगहों पर पहुंच चुकी है। इसको देखते हुए सीएमओ कार्यालय, अस्पतालों सहित कई जगहों पर आयुष्मान मित्र के नाम पर कोई भर्ती न होने, विज्ञापन जारी न होने की नोटिस चस्पा कराया जा रहा है।
इसमें ऐसा करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी भी दी जा रही है। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने कहा कि आयुष्मान मित्र पद के लिए किसी तरह की कोई भर्ती नहीं चल रही है। इसके नाम पर लोगों से धन उगाही की शिकायतें हर दिन पहुंच रही हैं। ऐसा करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।