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रिटायरमेंट से एक दिन पहले ऑफिस में लगाई फांसी, विदाई समारोह की हो रही थी तैयारी 

Sun, 31 Dec 2017 02:01 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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suicide
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वाराणसी के चेतगंज स्थित वाणिज्य कर विभाग के कार्यालय में रस्सी के फंदे से लटक कर शनिवार को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रमेश चंद्र वर्मा (59) ने जान दे दी। रमेश को रविवार को सेवानिवृत्त होना था।
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पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। परिवारीजनों के अनुसार ऐसी कोई वजह नहीं थी कि वो आत्महत्या करते।

कैंट थाना अंतर्गत सिकरौल निवासी रमेश चंद्र शनिवार की सुबह घर से खाना खाकर चेतगंज स्थित कार्यालय जाने के लिए निकले। करीब 10:30 बजे महिला सफाई कर्मी वाणिज्य कर कार्यालय के तृतीय तल स्थित बाथरूम की सफाई करने पहुंची तो उसके बगल की खाली जगह में लगे लोहे के एंगल के सहारे रस्सी के फंदे से रमेश चंद्र लटका मिला।
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उसने शोर मचाया तो अन्य कर्मचारी भी मौके पर आए और सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस की सूचना पर रमेश चंद्र का बड़ा बेटा सत्यप्रकाश और छोटा बेटा सुजीत आए। दोनों ने बताया कि सुबह 9:30 बजे के लगभग पिता कार्यालय के लिए निकले थे और उस दौरान वे सामान्य दिख रहे थे।

किसी प्रकार की परेशानी या तनाव की बात उन्होंने कभी नहीं बताई थी। घटना के संबंध में इंस्पेक्टर चेतगंज ने बताया कि मामला आत्महत्या का ही प्रतीत हो रहा है। किसी प्रकार के आरोप-प्रत्यारोप जैसी बात सामने नहीं आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट होने पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बेटे को नौकरी मिलने की आस में तो नहीं दी जान

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एडिशनल कमिश्नर वाणिज्य कर कमलेश कुमार ने बताया कि रमेश चंद्र वर्मा बेहद समझदार और ईमानदारी कर्मचारी थे। समझ में नहीं आ रहा है कि उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया। उधर, रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण शनिवार को ही रमेश चंद्र के विदाई समारोह की तैयारी थी।

इसके मद्देनजर फूल-माला, छाता सहित अन्य जरूरी सामान खरीद लिए गए थे। मगर, दोपहर 12 बजे के बाद आयोजित होने वाले विदाई समारोह से पहले ही रमेश चंद्र ने दुनिया छोड़ दी। वाणिज्य कर विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि उनके साथी रमेश चंद्र ने कभी किसी किस्म की परेशानी का जिक्र नहीं किया।

उनके दोनों बेटों ने भी यही कहा। ऐसे में चर्चा रही कि हो न हो, दोनों बेटों में से एक की सरकारी नौकरी लगवाने के लिए रमेश ने अपनी जान दे दी। रमेश चंद्र का बड़ा बेटा सत्यप्रकाश साड़ी की दुकान में और छोटा बेटा सुजीत निजी अस्पताल में काम करता है।
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