साथ ही नवीन ने उसकी जान-पहचान आजमगढ़ जिले के मेहनाजपुर थाने के गंगवल की सुनीता उर्फ सबिता से कराई। महिला ने बताया कि बीते 30 जून को उसने तय कर लिया था कि पति को सबक सिखाने के लिए अब वह बच्चों को लेकर अलग रहेगी।
घर से दोनों बच्चों के साथ बाहर निकलते ही कुछ दूरी पर सुनीता मिल गई। सुनीता उसे और उसके बच्चों को लेकर सारनाथ थाना के रसूलगढ़ में रहने वाली रीता उर्फ गीता के घर गई।
रीता के घर में शिवपुर स्थित कांशीराम आवास में रहने वाला राजकुमार और उसका दोस्त शाहजहांपुर के बरुआरी जलालाबाद का रामकृपाल यादव मिला। राजकुमार और रामकृपाल यादव व उसके तीन-चार दोस्तों ने कहा कि शाहजहांपुर में चल कर रहो, वहां किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।
गुजर-बसर के लिए आसानी से अच्छा काम भी मिल जाएगा और रहने की जगह भी दिला देंगे। बनारस से शाहजहांपुर जाते समय चारपहिया वाहन में रामकृपाल ने रास्ते में मांग में सिंदूर भर दिया और कहा कि आज से तुम हमारी पत्नी हो।
महिला के अनुसार, तकरीबन 10 दिन शाहजहांपुर में रामकृपाल के घर में रहने के बाद वह बनारस वापसी के लिए तैयार हुई। इस पर रामकृपाल ने बताया कि उसने उसको 50 हजार रुपये में खरीदा है। 50 हजार रुपये मिलने के बाद ही जाने देगा और इसके साथ ही रामकृपाल ने उसे बंधक बनाकर लगातार दुष्कर्म किया।
बंधक बनाए जाने के दौरान ही उसे पता लगा कि नवीन जायसवाल, सुनीता, राजकुमार, रीता, रामकृपाल और शाहजहांपुर के अतिवारा जलालाबाद निवासी झब्बू का एक संगठित गिरोह है। यह गिरोह गरीब परिवार की महिलाओं और युवतियों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बेच कर शादी करा देता है या फिर देह व्यापार में धकेल देता है।
एसएसपी अमित पाठक द्वारा सीओ कैंट मोहम्मद मुश्ताक के नेतृत्व में गठित टीम में शामिल चौकी प्रभारी पांडेयपुर राजकुमार पांडेय, दरोगा जगदीश शुक्ला और सिपाही चंद्रेश कुमार व कुसुमलता यादव की टीम ने आरोपी झब्बू, रीता उर्फ गीता, नवीन जायसवाल और रामकृपाल यादव को गिरफ्तार कर विवाहिता व उसके दोनों बच्चों को मुक्त कराया। इसके साथ ही गिरोह के सरगना राजकुमार और सुनीता उर्फ सबिता की तलाश की जा रही है।
पूर्वांचल और बिहार-झारखंड की कई महिलाओं-युवतियों को बनाया शिकार
शाहजहांपुर से मुक्त कराई गई महिला ने बताया कि इस गिरोह के सरगना राजकुमार और सुनीता उर्फ सबिता हैं। यह दोनों पूर्वांचल, बिहार और झारखंड की गरीब परिवार की महिलाओं और युवतियों को अच्छी जिंदगी और अच्छा काम दिलाने का झांसा देकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में ले जाते हैं।
महिलाओं को बेच कर उनकी शादी करा दी जाती है और युवतियों को दिल्ली सहित अन्य बड़े शहरों में ले जाकर देह व्यापार में धकेल दिया जाता है। इस गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल हैं, जिनकी शिनाख्त कराकर कार्रवाई की जानी बहुत जरूरी है।
इस गिरोह के सदस्य गरीब परिवारों के मुहल्लों-बस्तियों में घूम कर टोह लेते हैं कि कौन महिला या युवती अपनी गरीबी के जीवन से परेशान है। उसके साथ सहानुभूति दिखाते हुए गिरोह के सदस्य उसे विश्वास में लेते हैं और फिर अपने साथ ले जाकर गलत काम कराते हैं।
गिरोह के सदस्यों के खिलाफ होगी गैंगेस्टर की कार्रवाई
एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि सीओ कैंट मोहम्मद मुश्ताक के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। महिला और उसके बच्चों को बरामद कर गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम पुरस्कृत की जाएगी।