एमएलसी चुनाव के नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन सोमवार को चार प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल किया। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के चंद घंटे पहले भाजपा ने प्रत्याशी घोषित कर अपने इरादे जाहिर किए। इसके बाद भाजपा के सुदामा पटेल दलबल के साथ दोपहर में पर्चा जमा कराने पहुंचे। अंतिम दिन सपा उम्मीदवार उमेश यादव ने भी नामांकन कर वाराणसी परिक्षेत्र के स्थानीय प्राधिकारी चुनाव को रोचक बना दिया है। पहले से नामांकन कर चुके सेंट्रल जेल में बंद एमएलसी बृजेश सिंह उर्फ अरुण और उनकी पत्नी व पूर्व एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह ने नामांकन पत्र का एक-एक सेट और जमा कराया।
वाराणसी स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन- 2022 के नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पांच प्रत्याशी मैदान में हैं। वर्तमान एमएलसी बृजेश सिंह, पूर्व एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह, लोकदल के जयराम, भाजपा के सुदामा पटेल और सपा के उमेश यादव के नामांकन पत्रों की जांच मंगलवार को होगी। 24 मार्च को नाम वापसी का मौका होगा। इसके बाद एमएलसी चुनाव की तस्वीर साफ हो जाएगी। दरअसल, सपा के बाद भाजपा ने सोमवार की सुबह प्रत्याशी की घोषणा कर चुनाव में दमदारी से उतरने का संकेत दिया है। भाजपा के क्षेत्रीय महामंत्री सुदामा पटेल ने पिंडरा विधायक डा. अवधेश सिंह व कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव के अलावा पदाधिकारियों के साथ नामांकन किया। उधर, सपा प्रत्याशी उमेश यादव ने भी पार्टी पदाधिकारियों के साथ पर्चा जमा किया। यहां बता दें कि प्रदेश की 30 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा के बाद छह सीटों पर भाजपा ने दावेदारों की घोषणा नहीं की थी। सोमवार की सुबह मिर्जापुर से पूर्व एमएलसी विनीत सिंह, जौनपुर से वर्तमान एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंशु और वाराणसी में सुदामा पटेल को प्रत्याशी घोषित किया तो आननफानन में नामांकन की तैयारी शुरू हुई। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि नामांकन पत्रों की जांच मंगलवार को होगी।
भाजपा के दांव से दिलचस्प हुआ चुनाव
वाराणसी। एमएलसी चुनाव की घोषणा के बाद से ही वाराणसी स्थानीय प्राधिकारी परिक्षेत्र को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई थी। नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन भाजपा ने पूर्वांचल की तीन सीटों सहित प्रदेश की छह सीट पर प्रत्याशी उतारकर तमाम चर्चाओं पर विराम लगा दिया है। वाराणसी को छोड़कर मिर्जापुर और जौनपुर में भाजपा ने सेफ गेम ही खेला है। हालांकि वाराणसी में सेंट्रल जेल में बंद एमएलसी बृजेश सिंह के सामने सुदामा पटेल को उतारकर चुनौती जरूर खड़ी करने की कोशिश की है।
दरअसल, पिछली बार वर्ष 2016 में स्थानीय प्राधिकारी चुनाव में वाराणसी में बृजेश सिंह को भाजपा ने समर्थन दिया था। मिर्जापुर में पटेल चेहरे के रूप में जगदीश पटेल को बसपा के विनीत सिंह के खिलाफ उतारा था। इस बार माना जा रहा था कि वाराणसी में भाजपा पुराने फार्मूले पर चले, मगर उन्होंने इससे किनारा किया और यहां की लड़ाई को रोचक बनाया। जबकि मिर्जापुर में पूर्व प्रत्याशी जगदीश पटेल की दावेदारी को नजरअंदाज कर पूर्व एमएलसी विनीत सिंह पर दांव चला है। जबकि ज्ञानपुर के पूर्व विधायक विजय मिश्रा की पत्नी व एमएलसी रामलली मिश्र के इस बार मैदान में नहीं आने से यहां चुनाव में लड़ाई भाजपा व सपा के बीच होगी। जबकि वाराणसी में बृजेश सिंह और अन्नपूर्णा सिंह में एक ही प्रत्याशी के मैदान में टिकने की उम्मीद है। ऐसे में यहां चतुष्कोणीय लड़ाई में वर्चस्व की भी जंग होगी।