चारों आरोपी कर्मचारियों की जिम्मेदारी वेतन बिल तैयार करना, वेतन भुगतान के लिए फील्ड कर्मचारियों की सूची तैयार करना, एकाउंट से संबंधित काम करना और एक-दूसरे के कामकाज में सहयोग करना था। मगर, चारों कर्मचारी अपना मूल काम छोड़ कर निगम के कोष का पैसा हड़पने में जुट गए। इसलिए चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई के लिए कैंट थाने में तहरीर दी गई।
महेंद्र ने अपने बेटे के खाते में भी जमा किया पैसा
पूर्व सैनिक कल्याण निगम के क्षेत्रीय कार्यालय के कर्मचारियों ने खुद के खाते में ही नहीं बल्कि अपने परिजनों के बैंक खाते में भी पैसा जमा किया। अवकाश प्राप्त कर्नल सुनील चतुर्वेदी द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे के अनुसार, महेंद्र प्रताप सिंह ने अपने बेटे गौरव कुमार सिंह के खाते में निगम के 15032 रुपये स्थानांतरित किए थे। इसलिए गौरव की भूमिका की जांच भी कैंट पुलिस कर रही है।
पूर्व सैनिक कल्याण निगम के गबन से संबंधित मामला बेहद गंभीर है। इसलिए निगम के कोष से हुए भुगतान संबंधी सभी कागजात विवेचक को कब्जे में लेने के लिए कहा गया है। आशंका है कि गबन का मामला 15 लाख रुपये से काफी ज्यादा हो सकता है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - प्रभाकर चौधरी, एसएसपी