गैंग के सदस्य चार पहिया व दो पहिया वाहनों से शहर के व्यस्ततम बाजारों और पॉश कालोनियों में क्राइम ब्रांच व एसटीएफ की फर्जी टीम बनकर सादे वस्त्रों में चेकिंग के नाम पर लूट व टप्पेबाजी करते हैं। चेकिंग के दौरान योजना के तहत गैंग के सदस्यों में से एक व्यक्ति पहले अपनी स्वयं की चेकिंग कराता है फिर टारगेट किये गये व्यक्ति की चेकिंग करते हैं व रुपये आदि मिलने पर लूट कर भाग निकलते हैं।
इसके अलावा महिला व पुरूषों को चेकिंग के दौरान लूट आदि का भय दिखाकर उनके जेवर उतरवाकर कागज में लपेट देते हैं एवं बातचीत के दौरान झांसा देकर कागज की पुड़िया बदल देते हैं, इस प्रकार टप्पेबाजी कर फरार हो जाते हैं। नये शहर को चिन्हित कर इसी प्रकार की घटनाओं को अंजाम देते हैं।