पूर्वांचल से सटे बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड के जनपदों खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में इन दिनों धरती की गोद में छिपी बहुमूल्य खनिज संपदाओं की तलाश की जा रही है। अत्याधुनिक संसाधनों से लैस विशेष विमान लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जब-तब उड़ान भरता है।
विमान में भूगर्भीय सर्वेंक्षण विशेषज्ञ और खनिज मंत्रालय के अधिकारियों की टीम जमीन से काफी कम ऊंचाई पर उड़ती है। सर्वेक्षण करने वाली कंपनी आईआईसी टेक्नोलॉजीज, हैदराबाद के अधिकारियों ने बताया कि खनिज मंत्रालय और भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग की ओर से एयरोबोर्न फिजिक्स सर्वे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश में कराया जा रहा है।
सर्वे करने के लिए उड़ान भरने वाले इस विशेष विमान में चुंबकीय और गुरुत्वाकर्षण से संबंधित अत्याधुनिक उपकरण, एचडी कैमरे व विशेष सेंसर लगे हुए हैं। अधिकारियों की मानें तो पिछले करीब डेढ़ महीने से सर्वेक्षण चल रहा है। सर्वेक्षण तीन महीने और चलेगा।
पहले चरण में धरती के ऊपरी सतह का सर्वेक्षण हो चुका है। अब धरती की नीचे की सतह का सर्वेक्षण शुरू हो गया है। पहाड़ी क्षेत्रों पर खास फोकस है। जिन स्थानों पर चुंबकीय भिन्नता और गुरुत्वाकर्षण में भिन्नता पाई जा रही है, वहां खनिज मिलने की ज्यादा संभावना के मद्देनजर वहां विधिवत जांच की जा रही है।
विशेष विमान वहां अधिक चक्कर लगा रहा है। आने वाले दिनों में देशभर में ऐसा सर्वेक्षण किया जाएगा। फिलहाल, खनिज मिलने की ज्यादा संभावना वाले इलाकों में सर्वेक्षण हो रहा है।