नमो घाट से बजड़े से रवाना र्हुइं हिलेरी क्लिंटन ने मणिकर्णिका घाट पर जलती चिताओं को देख कर सहयोगियों से उसके बारे में पूछा। उन्हें बताया गया कि भारतीय संस्कृति के अनुसार मृत्यु के बाद शवदाह किया जाता है। गंगा किनारे यह स्थान पौराणिक महत्व वाला है। इस दौरान वो तब तक मणिकर्णिका घाट की ओर अपलक देखती रहीं जब तक कि वह उनके सामने से ओझल नहीं हो गया।
हवाई अड्डे पर निदेशक आर्यमा सान्याल ने हिलेरी क्लिंटन से कहा, मुझे दोबारा आपका स्वागत करने का अवसर मिला है। निदेशक ने बताया कि वह जयपुर हवाई अड्डे पर तैनात थीं। उस दौरान हिलेरी क्लिंटन अपने पति और अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के साथ जयपुर आई थीं। निदेशक सान्याल ने उन्हें एक पौधा देकर कहा कि यह आपको हमेशा काशी की याद दिलाता रहेगा।