एसीजेएम/एमपी-एमएलए कोर्ट ने 10 साल पहले इंटरसिटी एक्सप्रेस रोककर यातायात बाधित करने के आरोपी सपा के पूर्व विधायक गोरख पासवान को दोषी पाते हुए तीन माह की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने साढ़े चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस समय गोरख पासवान भाजपा में हैं।
लोक अभियोजन अधिकारी केके मिश्रा के अनुसार, आरपीएफ मऊ के एसआई डीके शर्मा ने दर्ज कराए गए परिवाद में कहा था कि चार अप्रैल 2012 को वाराणसी-गोरखपुर रेल प्रखंड पर बनकरा गांव के पास रेल फाटक बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने तत्कालीन सपा विधायक गोरख पासवान के नेतृत्व में इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन को बेल्थरा रोड- किड़िहरापुर रेलवे स्टेशनों के बीच करीब 18 मिनट तक रोके रखा था। बाद में रेल यातायात सुचारू रूप से चालू हुआ।
इसके बाद परिचालक की शिकायत पर एसआई ने गोरख पासवान समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ रेल अधिनियम की धाराओं के तहत परिवाद दर्ज कराया।
कोर्ट में मौजूद एसआई संजय कुमार मिश्र के मुताबिक बेल्थरा रोड से तत्कालीन सपा विधायक गोरख पासवान समेत सात लोगों के खिलाफ रेल परिचालन को अनाधिकृत रूप से बाधित करने का आरोप था। अदालत में विचारण के दौरान छह गवाह पेश किए गए। अदालत ने आरोपी पूर्व विधायक को दोषी पाते हुए सोमवार को सजा सुनाई।