पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने कहा कि बीएचयू में छात्रा के साथ छेड़खानी और लाठीचार्ज की घटना निंदनीय है। बीएचयू प्रशासन की लापरवाही और नियमों की अनदेखी के चलते परिसर में इस तरह की घटना हुई।
विश्वविद्यालय के जिम्मेदारों ने छात्राओं की मांग की अनदेखी की और उनकी जायज मांगों का गला घोंट दिया गया। सुभाषिनी अली गुरुवार को वाराणसी के पराड़कर भवन में पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि घटना के बाद अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति के साथ उन्होंने कैंपस में छात्राओं से मिलकर पूरी घटना की जानकारी ली। छात्राओं की बातचीत से लगा कि छात्रा के साथ छेड़खानी की घटना को मौके पर मौजूद बीएचयू के सुरक्षा गार्डों ने गंभीरता से लिया होता तो विवाद को बढ़ने से रोका जा सकता था।
उन्होंने कहा कि छात्राओं पर जब लाठी चली उस दौरान कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। कुलपति मुखिया हैं लेकिन उन्होंने भी छात्राओं के बीच जाकर उनकी सुनने की जरूरत नहीं समझी। उन्होंने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि जिसका कोई एकेडमिक रिकॉर्ड नहीं उसे कुलपति बना दिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि बीएचयू अस्पताल के एक ऐसे व्यक्ति को एमएस बना दिया जिस पर विदेश में यौन शोषण का आरोप है। इसकी भी जांच हो और कुलपति पर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने मांग की कि छात्रों के खिलाफ दर्ज फर्जी एफआईआर को रद्द की जाए। छात्राओं की सुरक्षा के बेहतर प्रबंधन हों ताकि बीएचयू जैसे संस्थान में शैक्षणिक माहौल बन सके।
महिला आयोग की अध्यक्ष पहुंची बीएचयू, बयान दर्ज
एलडी गेस्ट हाउस में महिला आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष रेखा शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू में 21 सितंबर को छेड़खानी, 23 सितंबर को छात्राओं पर लाठीचार्ज मामले की जांच करने पहुंची राष्ट्रीय महिला आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष रेखा शर्मा ने गुरुवार को एलडी गेस्ट हाउस में छात्राओं से घटनाक्रम की जानकारी ली।
तीन सदस्यों संग पहुंची शर्मा ने छात्राओं के अलावा पूर्व चीफ प्राक्टर, छात्र अधिष्ठाता, महिला महाविद्यालय प्राचार्य समेत हॉस्टलों की वार्डेन को बुलाकर उनसे भी पूछताछ की। इसके अलावा छेड़खानी वाली जगह और त्रिवेणी हॉस्टल, महिला महाविद्यालय जाकर वहां भी छात्राओं से बातचीत की थी।
कहा कि यह अफसोस की बात है कि पुलिस की रिपोर्ट में लाठीचार्ज का जिक्र नहीं है। अगर शुक्रवार तक कुलपति आकर बयान नहीं देते हैं तो उन्हें आयोग में तलब किया जाएगा।
शाम तीन बजे गेस्ट हाउस से निकलकर सबसे पहले भारत कला भवन चौराहा स्थित घटना स्थल पर पहुंचीं, जहां उन्होंने चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह से भी घटना के बारे में जानकारी ली।
इसके बाद त्रिवेणी हॉस्टल, नवीन महिला छात्रावास और महिला महाविद्यालय पहुंचकर उन छात्राओं से बातचीत की जो गेस्ट हाउस नहीं आ सकी थी।