पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत दो आरोपियों को कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई है। अब धनंजय लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। धनंजय ने मुन्ना बजरंगी के गुरु विनोद की तस्वीर को अपनी राजनीति का सहारा बनाया था। उन्होंने लोगों की संवेदनाएं बटोरते हुए 2002 में वह रारी से निर्दलीय विधायक के रूप में जीत हासिल की थी।
नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल के अपहरण, रंगदारी मांगने, धमकाने और आपराधिक साजिश के मामले में एडीजे चतुर्थ / विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) शरद कुमार त्रिपाठी की अदालत ने बुधवार को पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके सहयोगी संतोष विक्रम सिंह को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
विज्ञापन
अदालत ने दोनों अभियुक्तों पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। पहली बार सजा मिलने के साथ ही यह भी तय हो गया कि धनंजय सिंह अब लोकसभा 2024 और विधानसभा 2027 का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। धनंजय लोकसभा का चुनाव जौनपुर संसदीय सीट से लड़ने की तैयारी कर रहे थे।
अदालत के आदेश से दोनों अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेज दिया गया। अदालत ने आदेश में कहा कि मामले में यह सिद्ध हुआ है कि अभियुक्तों ने वादी मुकदमा को उसके कार्यक्षेत्र से जबरन अपने घर बुलवाकर पिस्तौल दिखाकर उसे और उसकी कंपनी के लोगों को डराया धमकाया गया। रंगदारी मांगी गई।
विज्ञापन
विधि का नियम है कि अपराधी को अपराध के अनुपात के अनुसार दंडित किया जाए। कड़ी सुरक्षा के बीच बुधवार की दोपहर धनंजय सिंह और उनके सहयोगी को अदालत लाया गया। कचहरी परिसर और उसके बाहर धनंजय समर्थकों की भीड़ लगी रही।
मुन्ना बजरंगी के गुरु की तस्वीर लेकर प्रचार किया, बना विधायक
जौनपुर पुलिस के मुताबिक, विनोद नाटे नाम के एक बाहुबली नेता हुआ करते थे। विनोद को कुख्यात मुन्ना बजरंगी का गुरु भी कहा जाता है। विनोद नाटे ने रारी विधानसभा से चुनाव जीतने के लिए खासी मेहनत की थी। उसी दौरान सड़क दुर्घटना में विनोद की मौत हो गई।
इसके बाद धनंजय ने विनोद की तस्वीर को अपनी राजनीति का सहारा बनाया और लोगों की संवेदनाएं बटोरते हुए 2002 में वह रारी से निर्दलीय विधायक बना। 2007 में धनंजय ने जनता दल यूनाइटेड के सिंबल पर विधायक का चुनाव जीता।
2008 में धनंजय बहुजन समाज पार्टी में शामिल होकर 2009 में जौनपुर से सांसद का चुनाव जीता। वर्ष 2011 में बसपा सुप्रीमो मायावती ने धनंजय को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप में बाहर निकाल दिया। उसके बाद से धनंजय सिंह को विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में सफलता नहीं मिली।
निजी जीवन उतार-चढ़ाव भरा, तीन शादी की
धनंजय सिंह का निजी जीवन उतार-चढ़ाव भरा रहा और बाहुबली ने तीन शादियां कीं। धनंजय की पहली पत्नी ने शादी के नौ महीने बाद ही आत्महत्या कर ली थी। दूसरी पत्नी डॉ. जागृति सिंह घरेलू नौकरानी की हत्या के आरोप में नवंबर 2013 में गिरफ्तार हुई। इस मामले में सबूत मिटाने के आरोप में धनंजय भी नामजद था।
हालांकि बाद में जागृति से धनंजय का तलाक हो गया। वर्ष 2017 में धनंजय ने दक्षिण भारत के एक कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखने वाली श्रीकला रेड्डी से पेरिस में शादी की। फिलहाल, श्रीकला रेड्डी जौनपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष हैं।
बनारस में हुआ काफिले पर हमला, चल रहा है मुकदमा
धनंजय सिंह और अभय सिंह वर्ष 2002 आते-आते एक-दूसरे के खिलाफ हो गए थे। अक्तूबर 2002 में बनारस से जा रहे धनंजय के काफिले पर नदेसर में टकसाल टॉकीज के सामने गोलीबारी हुई। गोलीबारी में धनंजय के गनर सहित काफिले में शामिल अन्य लोग घायल हुए थे।