जेसीबी की मदद से बड़े पैमाने पर पुलिस और पीएसी की मौजूदगी में चला अभियान
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सरकार बदलते ही वन भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त हो गया है। रविवार को चंदौली में वन विभाग ने डेढ़ दशक में सबसे बड़ा अभियान चलाया और जिलाधिकारी की मौजूदगी में काशी वन्य जीव प्रभाग के मझगाई रेंज अंतर्गत कंपार्टमेंट दस में 125 एकड़ भूमि को कब्जा मुक्त कराया।
इस भूमि पर वर्ष 2002 से ग्रामीणों के समूह ने कब्जा कर लिया था और पेड़ काट कर खेती शुरू कर दी थी। जेसीबी की मदद से बड़े पैमाने पर पुलिस और पीएसी की मौजूदगी में छह घंटे तक अभियान चलाकर भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया। वन विभाग ने बताया कि कब्जा मुक्त भूमि पर पौधरोपण होगा और चेकडैम तथा तालाब का निर्माण किया जाएगा।
संरक्षित वन क्षेत्र काशी वन्य जीव प्रभाग की भूमि पर लंबे समय से लोगों का कब्जा चल रहा है। सिर्फ मझ़गाई रेंज के कंपार्टमेंट 10 में ही तीन सौ एकड़ भूमि लोगों के कब्जे में है। वन विभाग ने इस इलाके के मोहन सिंह पर वन भूमि पर कब्जा करने और गैंगस्टर के मामले में मुकदमा भी दर्ज कर रखा है।
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के गठन के बाद भूमि पर कब्जे को मुक्त करने के अभियान में तेजी आ गई है। पिछले दिनों वन विभाग से वार्ता के बाद वन भूमि को कब्जा मुक्त करने की योजना बनाई गई।
दोपहर 12 बजे डीएम हेमंत कुमार, एसपी संतोष कुमार सिंह, डीएफओ गोपाल ओझा, और चकरघट्टा थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ पहुंचे। अभियान में सीआरपीएफ और पीएसी भी शामिल रही।
इसके बाद जेसीबी की मदद से खेतों को उजाड़ने का सिलसिला शुरू किया जो देर रात तक तक चलता रहा। वहीं बड़े पैमाने पर पुलिस बल को देख भूमि माफिया फरार हो गए। डीएफओ ने बताया कि खाली भूमि पर प्लांटेंशन किया जाएगा।
जिलाधिकारी की पहल पर चीफ कंजर्वेटर ने इसके लिए धन आवंटित करने की घोषणा की। डीएम ने मनरेगा जिला समन्वयक को इस भूमि पर चेकडैम और तालाब बनवाने और प्लांटेंशन कराने का निर्देश दिया।