प्रारंभिक जांच में यह मामला वन्यजीव तस्करी से जुड़ा माना जा रहा है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत बारहसिंगा जैसे संरक्षित वन्यजीवों के अंगों का परिवहन और व्यापार पूरी तरह प्रतिबंधित है।
सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी के पास यह सींग कहां से आया और इसके पीछे किसी अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह की संलिप्तता है या नहीं। इस संबंध में फूलपुर थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि विदेशी यात्री से गहन पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच में वन विभाग भी सक्रिय रूप से जुटा हुआ है।