19 देशों के विहंगम अनुयायियों ने किया योग
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देश के विभिन्न प्रांतों से आए हजारों जिज्ञासुओं ने मानव मन की शांति और आध्यात्मिक उत्थान के लिए ब्रह्मविद्या विहंगम योग के क्रियात्मक ज्ञान की दीक्षा ली। नए श्रद्धालुओं ने विहंगम योग की ज्ञानधारा से जुड़कर अपने जीवन को आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर किया। प्रतिदिन निशुल्क योग, आयुर्वेद, पंचगव्य, होम्योपैथ आदि चिकित्सा पद्धतियों द्वारा रोगियों को चिकित्सा परामर्श भी दिया जा रहा है। शाम को विभिन्न राज्यों से आए अनुयायी कलाकारों ने अलग-अलग राज्य के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। महायज्ञ परिसर में भारतीय सांस्कृतिक व्यंजनशाला तैयार की गई है। इसमें उत्तर भारतीय व्यंजन से लेकर दक्षिण तक के अलग अलग राज्यों के प्रसिद्ध व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए हैं।
25 हजार कुंडीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ का शुभारंभ आज
शनिवार को सुबह 10 बजे से 25 हजार कुंडीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ का शुभारंभ होगा। मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे। तीन घंटों तक चलने वाला यह महायज्ञ उत्तर भारतीय एवं दक्षिण भारतीय दोनों पद्धतियों से होगा। शुभारंभ सद्गुरु आचार्य स्वतंत्र देव महाराज और संत प्रवर विज्ञान देव महाराज के सानिध्य में होगा।
महायज्ञ के लिए पांच किलोमीटर क्षेत्र में फैले 350 एकड़ के परिसर में भक्तों, अनुयायियों को स्वागत केंद्र से आवास तक जाने में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए 50 ई-रिक्शे चलाए जा रहे हैं। स्वर्वेद महामंदिर से सटे गांव उमरहां, डुबकियां और आसपास मिनी कुंभ जैसा प्रतीत हो रहा। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे महायज्ञ क्षेत्र पर नजर रखने के लिए सीसी कैमरे लगा दिए गए हैं। साथ ही 800 विहंगम सुरक्षा बल, प्रशासन की ओर से पुलिस बल, महिला पुलिस, अग्निशमन ब्रिगेड की भी सुरक्षा लगाई गई है। महायज्ञ में भारत के कोने-कोने से लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालु पहुंचकर हवन यज्ञ में आहुतियां प्रदान करेंगे।