ट्रेनों की रफ्तार पर कोहरे की लाल झंडी
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कोहरे का असर रेल परिचालन पर पड़ने लगा है। शुक्रवार को चार ट्रेनें निरस्त की गईं तो दर्जनभर से अधिक ट्रेनें देरी से कैंट स्टेशन पहुंचीं। देरी से रैक मिलने के चलते यहां से चलने वाली ट्रेनें भी देरी से रवाना हुईं। इससे यात्री परेशान हुए। वाराणसी से चलकर बरेली जाने वाली ट्रेन संख्या 14235 शुक्रवार को निरस्त रही। वहीं शनिवार को बरेली से चलकर यहां आने वाली ट्रेन भी निरस्त रहेगी। इसी प्रकार देहरादून से हावड़ा जाने वाली दून एक्सप्रेस शनिवार को निरस्त रही। यह तीन दिसंबर को भी वाराणसी में रद रहेगी।
इसी प्रकार आनंद विहार से चलकर सीतामढ़ी जाने वाली लिच्छवी एक्सप्रेस भी निरस्त रही। इलाहाबाद से चलकर हावड़ा जाने वाली विभूति एक्सप्रेस भी शुक्रवार को रद रही। इसके चलते यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ा। लोग ट्रेनों की लोकेशन जानने के लिए पूछताछ काउंटर का चक्कर काटते रहे। कई यात्री प्लेटफार्म पर ट्रेन का घंटों इंतजार करते रहे। देरी से ट्रेनों के रैक उपलब्ध होने से शिवगंगा, मंडुवाडीह-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस, मरुधर, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस देरी से रवाना हुईं। इलाहाबाद से मऊ तक जाने वाली इंटरसिटी मंडुवाडीह पर ही निरस्त कर दी गई।