हुकुलगंज की एक गली में बाढ़ का पानी।
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घट रहा बाढ़ का पानी, बढ़ रहा मच्छर, गंदगी और बदबू का प्रकोप
गंगा में जलस्तर लगातार घट रहा है। केंद्रीय जल आयोग ने बताया कि शाम छह बजे तक 68.21 मीटर जलस्तर रिकॉर्ड किया गया। तीन सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से घटाव है। जैसे-जैसे पानी नीचे उतर रहा है वैसे-वैसे गंदगी, बदबू से जिंदगी दूभर हो रही है। गंगा के पलट प्रवाह का असर वरुणा और असि किनारे रहने वालों पर पड़ता है। यहां मिट्टी, कीचड़ और फिसलन की समस्या बरकरार है।
वरुणा किनारे दानियालपुर, नक्खी घाट, मौजाहाल, बघवानाला, हुकुलगंज, पुलकोहना क्षेत्रों में गलियों में भी कीचड़ भरा है। पैदल चलना मुश्किल है। शाम होते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। दीनदयालपुर निवासी रानी देवी, रीता, केवला देवी, अनीता, जमील, मुन्ना, फिरोज, सरफुद्दीन, कैलाश और बबलू चौहान ने बताया कि गलियों और घरों में न तो दवा का छिड़काव हो रहा है, न ही फॉगिंग। इन इलाकों में लोग खुजली, आंखों में जलन और लाल दाने से परेशान हैं।
सरैया विशुनपुरा में दो फीट सीवर से परेशानी
चिरईगांव क्षेत्र के जाल्हूपुर से बर्थराकला जाने वाले मुख्य मार्ग पर दो फीट सीवर की समस्या है। सड़क किनारे नाला पूरी तरह से पट चुका है। इससे सीवर बाबा धाम बोर्ड के पास प्यारे लाल मिश्रा के घर से लेकर गौरीशंकर मिश्रा के घर तक फैल गया है। ब्लॉक मुख्यालय में बीडीओ वीरेंद्र नारायण द्विवेदी को पत्रक देकर नाले की सफाई की मांग की।