कटान से पीड़ित लोग तटबंधों पर अपना डेरा डाले हुए हैं। बेघर हुए सुरेश, सविता देवी, सूर्यवली, लक्ष्मण, सतन ने बताया कि परिवार में कुल 20 से 25 लोग हैं। चक्की नौरंगा में पक्का घर बना लिया था लेकिन फिर से घर कटान में चला गया। सुरेश यादव ने बताया कि उनकी पांच एकड़ जमीन गंगा में समा गई।
मकान गंगा नदी के करीब है। अपने ही हाथों अपना आशियाना तोड़ रहे हैं। उधर, बाढ़ प्रभावित इलाकों के ऊंचे स्थानों से पानी निकल चुका है, लेकिन दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। सड़क पर गंदगी और कीचड़ से आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो गई है। चारे की समस्या गहरा गई है।
बांटी राहत सामग्री
बाढ़ से विस्थापित होकर एनएच-31 पर शरण लिए बाढ़ पीड़ितों में गणेश चतुर्थी व बहुला त्योहार को ध्यान गत रखते हुए सेना के कमांडो अवनीश कुशवाहा ने सोमवार को टेंगरही, वंश गोपाल छपरा, सुघर छपरा तक पीड़ितों में केले का वितरण किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनवानी के प्रभारी निरीक्षक डा. मुकर्रम ने बाढ़ चौकी लखनेश्वर पंचमुखी हनुमान मंदिर मझौवां पर शिविर संचालन के लिए डॉ. सर्वजीत यादव, राजेश कुमार तिवारी, रामचन्द्र गुप्ता और दिनेश ठाकुर को लगाया है।
बड़काखेत गांव में गंगा के बाढ़ में सड़ रही मक्का की फसल।
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नाव की कमी, मार्ग कटा
रेवती। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से नवका गांव, अनुसूचित बस्ती, मठ नागनाथ (देवपुर), धूपनाथ का डेरा, बैजनाथ का डेरा में लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। चांदपुर गेज की रिपोर्ट के अनुसार नदी खतरे के निशान से 58 मीटर से 80 सेमी ऊपर बह रही है। बस्ती के लिए मात्र एक नाव है। नवका गांव के प्रधान संजय यादव ने बताया नवका गांव की यादव बस्ती का संपर्क मार्ग परमेश्वर यादव के घर के पास कट गया है।
मेड़बंदी कर गांव में घुसने से रोका पानी
बड़का खेत पलिया खास गांव में बाढ़ के कारण चार दिन से बिजली आपूर्ति ठप है। गांव के चारों तरफ से बाढ़ का पानी लग गया है। बाहर बने घर पांच फिट पानी में डूब गए थे। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रघुनाथ ने गांव में पानी घुसने से पहले जेसीबी से सड़कों पर मिट्टी पटवाना शुरू कर दिया। काफी दूर तक मेड़बंदी कर दी गई। इससे बाढ़ का पानी गांव में नहीं घुस पाया। कोठिला को भी बचा लिया गया।
14 खच्चरों ने दम तोड़ा
दियारा में बाढ़ के पानी से दलदल में फंसने से 14 खच्चरों ने दम तोड़ दिया। मवेशियों को ढूंढने निकले पशुपालकों को खच्चर सोमवार को दियारा के सरपत में मृत अवस्था में मिले। यह खच्चर शाहपुर बभनौली, इच्छा चौबे का पूरा,कोट अंजोरपुर के बताए जा रहे हैं। पशु-चिकित्सक डॉ. केके मौर्या ने दियारा पहुंच कर घोड़ों का पोस्टमार्टम किया।