मुख्यमंत्री गाजीपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। पीड़ितों से मिलकर राहत सामग्रियों का वितरण करेंगे। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों से वार्ता करने संबंधी कार्यक्रम भी संभावित है। दौरे को लेकर बुधवार को वाराणसी मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल, आईजी जोन एसके भगत समेत जिलाधिकारी एमपी सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. ओपी सिंह ने गहमर स्टेडियम एवं गहमर इंटर कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया।
संभावना है कि मुख्यमंत्री ग्राम गहमर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत सामग्री का वितरण करेंगे। जिलाधिकारी ने दौरे को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिया है। बता दें कि गंगा के बाढ़ से गाजीपुर जिले के पांच तहसीलों के कुल 32 गांव प्रभावित हैं। करीब 1500 परिवारों के 6460 लोग पीड़ित हैं।
जो प्रभावित क्षेत्रों से पलायन कर सुरक्षित इलाकों में अपने परिवार और पशुओं के साथ गुजारा कर रहे हैं। प्रशासनिक इंतजाम की स्थिति यह है कि अधिकांश तहसीलों में राहत सामग्री, पशुओं के चारा और सभी प्रभावित गांवों को नाव नहीं मिल पाया है। जिले के सबसे प्रभावित तहसील जमानिया और सेवराई हैं। जहां अभी बाढ़ पीड़ितों की सूची तैयार करने का काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज वाराणणसी आएंगे। सीएम के आगमन की सूचना के बाद से प्रशासनिक महकमा बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों की व्यवस्था दुरुस्त करने में जुट गया। जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी पूरे दिन बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में सक्रिय रहकर लोगों तक राहत पहुंचाने के प्रयास में जुटे रहे। उधर, प्रशासन ने बाढ़ राहत और बचाव की कवायद व तैयारियों पर पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन तैयार किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हवाई सर्वे करने के बाद अपराह्न तीन बजे वाराणसी पहुंचेंगे और बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद करेेंगे। इससे पहले वर्ष 2019 में बनारस में आई बाढ़ के दौरान सीएम योगी ने इन क्षेत्रों का जायजा लिया था। ऐसे में उन्हें पिछली बाढ़ की पूरी जानकारी है और वर्तमान स्थिति का आंकलन वे करेंगे।
सीएम से पहले कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डा. नीलकंठ तिवारी, रविंद्र जायसवाल, विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह, सौरभ श्रीवास्तव सहित पूरा प्रशासनिक तंत्र राहत सामग्री वितरण में जुटा रहा। इसके अलावा नगर निगम राहत शिविर और बाढ़ वाले मोहल्लों में जरुरी कवायद करने में लगा रहा।