वाराणसी में विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अवनीश गौतम की अदालत ने 25 सौ रुपये घूस लेने के आरोपी अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम बलिया के तत्कालीन प्रभारी सहायक प्रबंधक रामदुलार को दोषी पाते हुए पांच वर्ष की कड़ी कैद और 30 हजार जुर्माने की सजा सुनाई।
लोकसेवक पद पर रहते हुए पदीय कर्तव्यों के खिलाफ 25 सौ रुपये रिश्वत लेने में कोर्ट ने दोषी पाया और मंगलवार को सजा सुना दी। एडीजीसी राजीव सिन्हा के मुताबिक प्रयागराज निवासी अभियुक्त ने रजवार बांसडीह बलिया निवासी वादी से पिता की कस्बे में पालिश और जूता मरम्मत की दुकान के लिए 48 हजार रुपये अनुदान का चेक काटने के लिए छह हजार रिश्वत की मांग की।
ढाई हजार प्राथमिक किश्त होने की बात तय होने पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन वाराणसी की टीम ने एक अक्टूबर 2001 को बलिया विकास भवन में वादी से 25 सौ रिश्वत लेते रामदुलार को रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।