जान की बाजी लगाकर चार की बचाई जान, युवती को बचाने में डूब गईं रेखा
धौरहरा (पुरापर) की रेखा जब महिलाओं के साथ नहाने के लिए गोमती किनारे पहुंची, तभी परिवार की चार बच्चियां अंजू, सुनीता, संजना और अन्नू पानी की तेज धार में डूबने लगी। रेखा ने अपनी जान की बाजी लगाकर चारों को बचा कर बाहर निकाल लिया। इसी बीच परिवार की सपना भी नदी की तेज धार में फंस गई।
तैरते हुए रेखा ने सपना को बचाने का भरपूर प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रेखा का हाथ पकड़ कर सपना उसके ऊपर पलटी, तभी दोनों पानी में समा गई। परिजनों ने बताया कि रेखा पहले से ही तैरना जानती थी। तैराकी के चलते ही वह चार बच्चियों की जान बचा ली। यदि रेखा के शरीर पर सपना पलटी न होती तो शायद दोनों बच जातीं।