आरोपियों ने बताया कि वह कार से रेकी करते थे और महिलाओं और बुजुर्गों को अपना शिकार बनाते थे। साल्यूशन लगाकर एटीएम के अंदर डेबिट कार्ड डालते थे, इससे एटीएम का फंक्शन कुछ देर के लिए रुक जाता था। इसके बाद बातों में उलझाकर लोगों का डेबिट कार्ड बदल देते थे। डेबिट कार्ड बदलकर एटीएम और पॉश मशीन के जरिए रुपये निकाल लेते थे।
पुलिस की पूछताछ में यह भी जानकारी सामने आई कि जिस गांव से आरोपी आते हैं, वह गांव बिहार का दूसरा जामताड़ा बन रहा है। गया के खिजरसराय सहित आसपास के गांव में 500 से अधिक युवा इस तरह का फ्रॉड करते हैं। कई थानों की पुलिस उस गांव में छापा मार चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में गया बिहार निवासी चुन्नू कुमार सिर्फ स्नातक है, शेष अन्य सभी आरोपी हाईस्कूल और इंटर पास है। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी जिस कार का उपयोग करते थे, वह फाइनेंस पर है।