सहस्त्रौदीच्य गुजराती ब्राह्मण समाज की ओर से चौखंभा स्थित एक धर्मशाला में गोविंद माधव प्रभु की स्वर्ण जयंती पर पंचदिवसीय प्रतिष्ठा एवं पाटोत्सव महोत्सव का उद्घाटन सोमवार को किया गया। मंदिर में 23 जनवरी तक श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ उत्सव मनाया जाएगा। पद्मश्री पं. गणेश्वर शास्त्री और वैदिक प्रवर पं. विश्वेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने नवीनीकृत मंदिर में श्री गोविंद माधव प्रभु के विधिवत विराजमान होने के पश्चात शिलापट्ट का अनावरण किया।
प्रभु के विराजने के बाद धर्मशाला स्थित गोविंदमाधेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक हुआ। समाज की महिलाओं ने भजन-कीर्तन किया। सहस्त्रौदीच्य समाज वाराणसी के अध्यक्ष मुकुंदलाल शुक्ल एवं उपाध्यक्ष जयशंकर मेहता ने बताया कि मंगलवार को राजोपचार पूजन, विशेष शृंगार और तुलसी सहस्राचन किया जाएगा। शाम में शास्त्रीय संगीत संध्या में प्रियेंदु मुख्य अतिथि होंगे। बुधवार को प्रभु का अन्नकूट उत्सव होगा। चौथे दिन बृहस्पतिवार को श्री गणेश जी का मोदक सहस्राचन और समाज की युवा समिति द्वारा भजन-संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। अंतिम दिन स्वर्ण जयंती तिलक, बधाई कीर्तन एवं षष्ठ पीठाधीश्वर श्याम मनोहर महाराज द्वारा आरती के पश्चात समाज के सदस्यों को आशीर्वचन प्रदान किए जाएंगे। इस अवसर पर सुधांशु याग्निक, आलोक शंकर त्रिवेदी, उपमंत्री राघव दवे आदि मौजूद रहे।