इस विधि को सिस्टोग्रेस्ट्रोस्टोमी कहा जाता है। बताया कि यह प्रक्रिया बीएचयू में पहली बार की गई है। साथ ही इस विधि से इलाज पूर्वांचल में सिर्फ बीएचयू में शुरू हुआ है। डॉ. देवेश यादव ने बताया कि इसके पहले सिस्टोगैस्ट्रोस्टोमी के 15-20 केस, जिनमें प्लास्टिक स्टंट का उपयोग किया गया, भी उनके द्वारा बीएचयू में किया गया है। इस दौरान विभागाध्यक्ष प्रो. वीके दीक्षित, डॉ. विनोद कुमार, अनुराग तिवारी आदि मौजूद थे।