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Sawan: सावन के पहले दिन विश्वनाथ धाम में भक्तों पर बरसे फूल, गूंजा हर-हर महादेव; पुलिस रही तैनात

Sat, 12 Jul 2025 06:01 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: सावन के पहले दिन बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में भक्तों की सुरक्षा के साथ उनके स्वागत की तैयारियां पहले ही कर ली गई थीं। मंदिर का पट खुलते ही पूरा परिसर हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठा।
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काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों पर हुई पुष्पवर्षा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Sawan 2025: सावन मास के पहले दिन की शुरुआत बाबा विश्वनाथ की मंगला आरती से हुई। भगवान विश्वनाथ के गर्भगृह से भगवान बद्रीनारायण तक कतार में खड़े श्रद्धालुओं पर फूल बरसाकर काशी में हर से हरि की परंपरा को जीवंत किया गया। शुक्रवार का दिन होने के कारण मां अन्नपूर्णा को पुष्प के तीन थाल अर्पित कर श्रद्धालुओं में प्रसाद बांटा गया।

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शुक्रवार की भोर में मंगला आरती के साथ ही भक्तों ने बाबा विश्वनाथ को जगाया। हर-हर महादेव... के जयघोष के साथ बाबा का जलाभिषेक आरंभ हुआ। वैदिक मंत्रों के साथ विधि-विधान से पूजन, शृंगार और आरती के बाद मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। 

मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की पहल पर सावन के पहले दिन पहली बार फूल बरसाकर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। अब तक महाशिवरात्रि और सावन के सोमवार पर धाम के मुख्य द्वार के बाद कतारबद्ध श्रद्धालुओं का स्वागत फूल बरसाकर किया जाता था। 

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खूब लगे जयकारे

यह पहला मौका था जब मंदिर प्रांगण में भगवान विश्वनाथ, भगवान दंडपाणि और उनके मध्य स्थित भगवान बैकुंठेश्वर के तीन शिखरों के सम्मुख श्रद्धालुओं पर मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने पुष्प वर्षा कर शिखर आराधना के साथ-साथ भक्तों का स्वागत किया।

इसके बाद मुख्य गर्भगृह से मंदिर प्रांगण में ही विराजमान भगवान बद्रीनारायण मंदिर तक श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा करते हुए हरि-हर की काशी की परंपरा को साकार किया गया। नवाचार के अंतिम चरण में फूलों से भरे तीन थाल मां अन्नपूर्णा को अर्पित किया गया। 

यह पुष्प पत्रदल दिन भर श्रद्धालुओं को मां अन्नपूर्णा के अक्षत प्रसाद के साथ स्वागत भेंट स्वरूप प्रदान किए गए। इस दौरान मंदिर न्यास की कार्यपालक समिति के पदेन अध्यक्ष मंडलायुक्त एस राजलिंगम, मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण, डिप्टी कलेक्टर शंभू शरण, तहसीलदार मिनी एल शेखर ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया।

बाबा विश्वनाथ धाम में दर्शन के लिए जाते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला
शैव आराधना में विशिष्ट है तीन का अंक
मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण ने बताया कि शैव आराधना में तीन अतिविशिष्ट अंक है। महाशिव स्वयं को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के स्वरूप में सृजन, संचालन व संहार की शक्तियों के स्परूप प्रकट करते हैं। शिव आराधक त्रिपुंड का तिलक करते हैं। शिवार्पण के लिए त्रिदल बेलपत्र का इस्तेमाल अत्यंत पवित्र माना जाता है। भगवान शिव त्रिशूल धारण करते हैं व सृष्टि में प्राणियों को त्रैलोक्य में अधिष्ठापित कर हरि या महाविष्णु की लीला के निवर्तन पर आधारित करते हैं। इसी शैव परंपरा के अनुपालन में आज का नवाचार संपन्न हुआ।
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काशी विश्वनाथ धाम। - फोटो : अमर उजाला
आधी रात से ही कतारबद्ध थे श्रद्धालु, दोपहर तक खाली हो गई बैरिकेडिंग
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन के पहले दिन बाबा विश्वनाथ का अभिषेक करने के लिए शिवभक्त आधी रात से ही कतारबद्ध होने लगे थे। बोल-बम का जयकारा लगाते हुए कांवड़ियों का जत्था धाम की पैदल ही बढ़ रहा था। श्रद्धालुओं की कतार एक तरफ गोदौलिया तक तो दूसरी चौक थाने के आगे तक लगी हुई थी। दिन में 10:30 बजे के बाद श्रद्धालुओं की कतार बांसफाटक तक लगी थी और दोपहर तक बैरिकेडिंग खाली हो गई। इसके बाद धीरे-धीरे श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला देर शाम तक अनवरत चलता रहा।
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