फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) के कुलदीप सिंह की अदालत में सोमवार को बीएचयू आईआईटी की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले की सुनवाई टल गई। यह सुनवाई गवाह विवेचक सहजानंद श्रीवास्तव के अनुपस्थित रहने के कारण नहीं हो पाई। अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी। पिछली सुनवाई में पीड़िता के साथी से आरोपी आनंद चौहान के अधिवक्ता ने जिरह पूरी कर ली थी। इस मामले में विवेचक को गवाही के लिए तलब किया गया था।
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प्रकरण के अनुसार, बीएचयू परिसर में 2 नवंबर 2023 की रात को आईआईटी की छात्रा के साथ बाइक सवार तीन आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। पीड़िता ने तीनों के खिलाफ लंका थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी। विवेचना में तीनों आरोपियों, कुणाल पांडेय, आनंद चौहान उर्फ अभिषेक और सक्षम पटेल का नाम सामने आने पर उनकी गिरफ्तारी कर ली गई थी।
जिला जज संजीव शुक्ला की कोर्ट में सोमवार को ज्ञानवापी स्थित मां श्रृंगार के नियमित दर्शन-पूजन की अनुमति देने और किरण सिंह की ओर से बंद तहखानों का एएसआइ द्वारा सर्वे करने की मांग समेत अन्य मुकदमों की सुनवाई टल गई। अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 18 मार्च की तिथि नियत की। अधिवक्ता के निधन के कारण और दोपहर में शोक में अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी।
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मां श्रृंगार गौरी के पूजा-पाठ करने को लेकर राखी सिंह समेत पांच महिलाओं द्वारा दाखिल वाद में पक्षकार बनाने के लिए जय प्रकाश रामचंद्र राजभर ने अपने प्रार्थना पत्र की सुनवाई करने की जिला जज से अपील की है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ज्ञानवापी मामले में 12 दिसंबर 2024 को पारित आदेश के दृष्टिगत, सभी मामलों में अगली सुनवाई के लिए जिला जज ने 18 मार्च की तिथि मुकर्रर कर दी।