वाराणसी में एक महिला के साथ अपराध की घटना फरवरी में हुई, लेकिन मुकदमा अप्रैल में दर्ज किया गया है। मुकदमे की कार्रवाई पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर की गई है।
10 फरवरी की आपराधिक घटना का मुकदमा चौबेपुर थाने की पुलिस ने पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर दो महीने आठ दिन बाद दर्ज किया। इस कार्यशैली से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पीड़ित पक्ष को न्याय के लिए कितने चक्कर काटने पड़े होंगे।
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चौबेपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव की महिला ने बताया कि उसके पति बाहर रहकर मजदूरी करते हैं। पट्टीदार प्रेमशंकर से रंजिश है। प्रेमशंकर जब भी उसे देखता है तो छींटाकशी करता है और अश्लील गाने गाता है। 10 फरवरी शाम प्रेमशंकर उसे देख कर अश्लील हरकत करने लगा।
विरोध करने पर गालीगलौज करते हुए प्रेमशंकर उसके दरवाजे पर आ गया। वह डरकर अपने घर में घुस गई। प्रेमशंकर अंदर घुस आया और अश्लील हरकत करने लगा। शोर मचाने पर मारने लगा। उसी दौरान प्रेमशंकर के बेटे रितिक राजभर और साहिल राजभर भी आ गए। दोनों ने गालीगलौज की और मारा पीटा।