पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उन्होंने मुंबई का पता देकर आजमगढ़ से शस्त्र लाइसेंस क्यों हासिल किया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि लाइसेंस बनवाने के लिए दस्तावेजों में किस तरह की जानकारी दी गई थी और प्रक्रिया के दौरान किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
इसके साथ ही पुलिस दोनों का आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों के खिलाफ आजमगढ़ या अन्य किसी जिले में पहले से कोई मुकदमा दर्ज है या नहीं। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर दोनों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने किस कारण से मुंबई का पता देकर आजमगढ़ से शस्त्र लाइसेंस हासिल किया। पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है।