मुआवजे की मांग करने पर गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन करते किसान।
रिंग रोड के लिए अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे के लिए सत्याग्रह कर रहे 54 किसानों पर गुरुवार को शांतिभंग की आशंका में शिवपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस-प्रशासन के इस कदम से आंदोलनरत किसानों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। किसानों ने इस कार्रवाई को शासन-प्रशासन का दोमुंहा रवैया बताने के साथ ही कहा कि वे जमानत नहीं कराएंगे और कड़ा प्रतिरोध करेंगे। जरूरत पड़ी तो जेल भी जाएंगे।
जिलाधिकारी से वार्ता के बाद किसान पिछले 24 दिन से सत्याग्रह कर रहे हैं। गुरुवार को सत्याग्रह स्थल पर शिवपुर थाने से 54 किसानों के खिलाफ शांतिभंग का मुकदमा दर्ज होने की सूचना पहुंची। इसमें अहमदपुर, हरिहरपुर, कौआपुर सहित कई गांवों के किसान शामिल बताए जा रहे हैं। इससे किसान आक्रोशित हो उठे। उनका कहना था कि एक तरफ शासन-प्रशासन किसान हित और समर्थन की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ उत्पीड़न की कार्रवाई कर किसानों को उकसाया जा रहा है। किसान न्याय मोर्चा के प्रवक्ता विजय शंकर पांडेय ने कहा कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद कोई भी किसान जमानत नहीं कराएगा। उन्होंने कहा कि किसी सरकारी कार्य में बाधा न पहुंचे, इसलिए किसान सत्याग्रह कर रहे हैं और प्रशासन है कि मुकदमा लाद रहा है।