बीएचयू में रविवार को हुई एग्जीक्यूटिव काउंसिल की मीटिंग हंगामेदार रही। सुबह 10 बजे से शुरू होकर रात तक चली मीटिंग में आईएमएस बीएचयू निदेशक पद पर पीजीआई चंडीगढ़ के न्यूक्लियर मेडिसिन के प्रोफेसर भगवंत राय मितल का नाम तय हुआ। इसके अलावा शिक्षण की अन्य नियुक्तियों का भी लिफाफा खुला। हालांकि एमेरिटस, डिस्टनगविश प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति का कोई फैसला नहीं हो पाया है।
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कुलपति प्रोफेसर राकेश भटनागर की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर से प्रोफेसर पद पर होने वाली नियुक्ति पर भी चर्चा हुई। काफी बहस के बाद शिक्षकों की नियुक्ति के लिफाफे तो खुल गए लेकिन एमेरिटस प्रोफेसर पर कोई फैसला नहीं हो पाया। लंबे समय बाद आईएमएसबीएचयू को एक स्थाई एमएस मिला है। बैठक में शिक्षकों की कुछ नियुक्तियों पर हुई शिकायत को लेकर भी खूब बहस हुई।
बीएचयू में प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत की होगी जांच
बीएचयू में रविवार को हुई एक्जीक्यूटिव काउंसिल की मीटिंग में बीएचयू में कुछ प्रोफेसरों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में हुई शिकायत पर जांच कमेटी गठित करने का भी निर्णय लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, कृषि विज्ञान संस्थान की एक महिला प्रोफेसर के प्रमोशन पर भी कोई फैसला नहीं हो सका। उनके लिफाफे को भी रविवार को नहीं खोला जा सका है। प्रोफेसर पर बीएचयू से मिले सरकारी आवास को किसी एनजीओ को किराए पर देने के आरोप और इसकी शिकायत के बाद इसी में भी जमकर बहस हुई। इसकी जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है, जिसके रिपोर्ट के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
सीनियर प्रोफेसर पर नहीं हो सका कोई फैसला
विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में सीनियर प्रोफेसर के पद पर होने वाली नियुक्ति पर कोई फैसला नहीं हो पाया। हालांकि इसको लेकर बैठक में खूब बहस हुई।