माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जून-जुलाई 2025 में सात विद्यालयों में विद्युतीकरण के लिए 21.65 लाख निगम को भेजा। 10 महीने बाद भी सात राजकीय हाईस्कूल विद्यालयों बिजली का कनेक्शन नहीं हुआ है। विद्युतीकरण के नाम पर कुछ जगह खंभे खड़े कर तार खींच दिए गए हैं। कहीं ट्रांसफाॅर्मर लगाकर छोड़ दिया है। बिजली न होने से स्कूलों में स्मार्ट क्लास में पढ़ाई ठप है और आईसीटी लैब भी बंद है।
जिले में कुल चार राजकीय इंटर कॉलेज और 33 राजकीय हाईस्कूल संचालित हैं। इसमें 30 विद्यालयों में बिजली आपूर्ति 2024 तक पहुंच गई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से जून 2025 में सात राजकीय हाईस्कूल में विद्युतीकरण के लिए बिजली निगम के खाते में 21. 65 लाख रुपये हजार भेजे गए। इसमें राजकीय हाईस्कूल चंदापुर के लिए 3,40,094, राजकीय हाईस्कूल लालानगर को 2,53,770, राजकीय हाईस्कूल बारीपुर को 2,45,466, राजकीय हाईस्कूल चकबीरा को 1,72,217, राजकीय हाईस्कूल नगरदह को 2,45,466, राजकीय हाईस्कूल कसिदहा के लिए 3,33,086 और राजकीय हाईस्कूल याकूबपुर को 5,75,347 रुपये भेजे गए। सत्र बीतने के बाद भी इनमें से ज्यादातर स्कूलों में बिजली नहीं पहुंच सकी है। नए शिक्षण सत्र में स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गई है। बिजली न पहुंची। गर्मी में बच्चे पढ़ाई करने को विवश है। शनिवार को अखबार की टीम ने डीघ के बारीपुर, नगरदह, औराई के चकबीरा स्थित स्कूलों की पड़ताल की तो हकीकत सामने आई। बिजली न होने से नगरदह में 14, बारीपुर में 130 समेत सात विद्यालयों में पढ़ने वाले एक हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को दिक्कत हो रही है। इन स्कूलों की स्थापना 2010 में हुई थी। तब से इन स्कूलों बिजली कनेक्शन नहीं है। बारीपुर के प्रधानाध्यापक कृष्णकुमार सिंह ने कहा कि बार-बार शिकायत की जा रही है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। बिजली न होने से बिजली चलने वाले उपकरण जैसे स्मार्ट टीवी, वाटर कूलर, सीसीटीवी कैमरा आदि संसाधन विकसित नहीं कर पा रहे हैं। विद्यालय में बोर्ड परीक्षा के केंद्र के लिए तय मानक नहीं पूरा कर पा रहा है। छात्र-छात्राओं को तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़ने के लिए विद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं। स्कूलों में आईसीटी लैब स्थापित की गई है। स्मार्ट क्लास भी हैं लेकिन बिजली के अभाव में सब शोपीस बने हुए हैं। कमरों में लगे पंखा, कूलर भी नहीं चल रहे। सबमर्सिबल पंप न चलने से पेयजल की व्यवस्था प्रभावित है।
चौरी। भदोही ब्लाॅक के कंपोजिट विद्यालय जमुआ में अभी तक विद्युतीकरण नही हो पाया है । इससे बच्चों का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार ध्यान नही दे रहे हैं। 2008 में विद्यालय का निर्माण हुआ। पंखा, सबमर्सिबल आदि लग गया है। पानी के लिए हैडपंप ही एक सहारा है। यहां पढ़ने वाले 189 बच्चे परेशान होते हैं। प्रधान राम अधार मिश्रा ने कहा कि कनेक्शन के लिए कई बार पत्र दिया गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बीईओ चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि स्टीमेट बनाकर भेजा गया है ।
- प्रदीप पांडेय, जिला समन्वयक, समग्र शिक्षा ने कहा कि जून 2025 में सात विद्यालयों में विद्युतीकरण के लिए 21.65 लाख रुपये जारी किए गए। अभी तक कनेक्शन नहीं हो सका है। इसके लिए निगम के अफसरों से पत्राचार किया जा रहा है। बिजली के अभाव में कार्य प्रभावित हैं।
- राकेश कुमार, एक्सईएन विद्युत निगम ने कहा कि सात में दो विद्यालयों में बिजली का मीटर लग चुका है। पांच विद्यालयों में बिजली पहुंचाने का प्रयास हो रहा है। संंबंधित ठेकेदार को लापरवाही के लिए तलब किया गया है। एक सप्ताह में सभी विद्यालयों में कनेक्शन हो जाएगा।