भीटी स्थित शिव विहार कालोनी में रेलवे के रिटायर्ड अधिकारी अक्षयवर वर्मा की हत्या दोपहर 12 से दो बजे के बीच में की गई। किसी करीबी ने हत्या को अंजाम दिया। कालोनी में रहने वालों के अनुसार सुबह 11 बजे तीन से चार लोग अक्षयवर वर्मा के मकान पर पहुंचे। आवाज लगाई तो इसी बीच तीन मंजिला मकान के दूसरी मंजिल की बालकनी से खड़े होकर अक्षयवर शर्मा ने सभी को अंदर आने को कहा। कमरे में घुसे उनके परिचित कब बाहर निकले यह किसी ने नहीं देखा।
वहीं, फोरेंसिक टीम को कमरे से टेबल पर प्लेट में मिठाई, तीन गिलास, पानी की बोतल, नमकीन और शराब की बोतल भी पड़ी हुई मिली। आशंका व्यक्त की गई कि पीने और पिलाने के दौरान हत्या की गई। कमरे में रखे आयरन प्रेस से सिर पर वार करने के बाद गमछे से गला कसा गया था। हाथ और पैर साड़ी व चादर से हल्के तौर पर बंधे हुए थे। कमरे में आलमारी की तिजोरी खुली हुई थी, सूटकेस से निकला सामान बिखरा हुआ था। तफ्तीश में सामने आया कि बदमाशों ने नकदी और कीमती आभूषण लूटने के बाद हत्या की।
रामनगर इंस्पेक्टर अश्वनी पांडेय ने बताया कि दोपहर दो बजे अक्षयवर वर्मा के मित्र बिजली विभाग के रिटायर्ड एसडीओ अपनी पत्नी के संग पहुंचे तो गेट नहीं खुला और फोन भी अक्षयवर वर्मा का नहीं उठा। कई बार फोन मिलाने के बाद वह अपने घर पांडेयपुर चले गए। इसके बाद शाम छह बजे दो किरायेदार भी पहुंचे तो गेट नहीं खुला। इसके बाद रिटायर्ड एसडीओ और किरायेदारों ने पुलिस को सूचना दी। किसी तरह गेट खुला तो ऊपरी मंजिल के कमरे के अंदर बेड पर अक्षयवर वर्मा मृत अवस्था में पड़े हुए थे। फिलहाल कालोनी मार्ग पर लगे सीसी कैमरे और रिटायर्ड अधिकारी के मोबाइल सीडीआर को भी खंगाला जा रहा है। जल्द ही आरोपी गिरफ्त में होंगे। बेटे और बेटियों को सूचना देने के साथ ही शव को मोर्चरी में रखवाया गया है। बेटे और बेटियों के आने पर ही मालूम चल पाएगा कि कितने की लूट हुई है।
15 दिन पहले नई दिल्ली से आए थे बेटे और बेटियां
अक्षयवर वर्मा की तीन संतान में बड़ी बेटी सोना और एक बेटा विक्की की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बेटी मोना की शादी नहीं हुई है। सभी नई दिल्ली में रहते हैं। 51 दिन पूर्व ही बेटा और दोनों बेटियां पिता से मुलाकात करके नई दिल्ली लौटी थी।
घटना की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। प्राथमिक जांच में वारदात में किसी करीबी के शामिल होने की आशंका है। हमारे पास कई क्लू हैं और उन्हीं आधार पर हत्यारों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। - राजेश पांडेय, एडीसीपी, काशी जोन