पुलिस ने इस मामले में नसीम समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। परिजनों ने बताया कि नसीम की गिरफ्तारी के बाद से ही पिता सलीम बेटे के गायब होने का अंदेशा जताते हुए उसको सामने लाने की बात कहते थे। इसी सदमे में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उनको तेज बुखार आने लगा। वह हमेशा नसीम को याद करके बेहोश हो जा रहे थे।
सोनारपुरा स्थित निजी चिकित्सक के यहां उनका इलाज कराया जा रहा था। रविवार की देर रात अचानक उनका इंतकाल हो गया। सलीम मदनपुरा में साड़ी के प्रतिष्ठान में मजदूरी करते थे। उनके पांच बेटों में नसीम सबसे बड़ा है। इसके अलावा अंसार, निसार, इम्तियाज और इश्तियाक हैं। पत्नी खूशबून्निसा का सात साल पहले इंतकाल हो चुका है।
जमीयत उल बनारस के अब्दुल फैसल ने बताया कि नसीम को पैरोल पर छुड़ाने का प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिली। मो. सलीम के परिवार के सदस्यों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।