सामाजिक कार्यकर्ता दंपति रवि शेखर और एकता शेखर की बच्ची चंपक की देखभाल की जिम्मेदारी बड़ी मां, बड़े भाई और दादी पर आ गई है। बड़ी मां देबोरिता ने बताया कि अपने माता-पिता के बिना चंपक बेहद परेशान है और हम घर-परिवार के लोग चाहकर भी उसकी परेशानी दूर नहीं कर पा रहे हैं। चंपक किसी सदमे या बीमारी की चपेट में आए, उससे पहले जरूरी है कि कम से कम उसकी मां को मानवीय आधार पर अपनी बच्ची की देख-रेख के लिए जेल से रिहा किया जाए।
ये है मामला
वाराणसी के बेनियाबाग में 19 दिसंबर को नागरिकता संसोधन कानून के विरोध में जनसभा आयोजित हुई थी। बेनिया मार्ग पर सैकड़ों लोगों ने जब प्रदर्शन शुरू किया तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। लेकिन भीड़ ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की और नारेबाजी कर धारा 144 का उल्लंघन किया। इसी मामले में रवि शेखर, एकता शेखर सहित 56 लोगों को विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके उन्हें जेल भेज दिया गया।
ये है मामला
वाराणसी के बेनियाबाग में 19 दिसंबर को नागरिकता संसोधन कानून के विरोध में जनसभा आयोजित हुई थी। बेनिया मार्ग पर सैकड़ों लोगों ने जब प्रदर्शन शुरू किया तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। लेकिन भीड़ ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की और नारेबाजी कर धारा 144 का उल्लंघन किया। इसी मामले में रवि शेखर, एकता शेखर सहित 56 लोगों को विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके उन्हें जेल भेज दिया गया।