वाराणसी जिले में रबी सीजन की बोआई पीक पर है। इसके बाद भी बीज और खाद की किल्लत बढ़ने से किसानों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। 65 से अधिक साधन सहकारी समितियों पर डीएपी नहीं है। तीन राजकीय भंडारण केंद्रों में बीज खत्म हो गए हैं। आराजीलाइन ब्लॉक के देउरा और शहावाबाद की सहकारी समितियों पर एक माह से डीएपी और यूरिया नहीं है। चिरईगांव के बीज केंद्र पर बीज तक नहीं हैं। ऐसे में किसान दर- दर भटक रहे हैं। अब किसान महंगे दाम पर खाद और बीज खरीदने को मजबूर हैं।
रबी सीजन की बोआई में जिला प्रशासन की ओर से बीज और खाद की पर्याप्त उपलब्धता का दावा किया जा रहा है। जिले में कुल 93 साधन सहकारी समितियां और नौ राजकीय बीज भंडारण केंद्र हैं। साथ ही 500 से अधिक खाद और बीज की निजी दुकानें भी हैं। इसके बावजूद भी प्रशासन की ओर से सप्लाई न होने से किसान परेशान हैं।
चिरईगांव के 10, हरहुआ के 6, चोलापुर के 5, सेवापुरी के 12, आराजीलाइन 15, बड़ागांव 5, पिंडरा 9, काशी विद्यपीठ ब्लॉक की छह साधन सहकारी समितियों पर डीएपी नहीं है। आधी समितियों पर यूरिया भी खत्म और कुछ केंद्रों पर बीज भी नहीं है। चिरईगांव के किसान प्रिंस, रमेश का कहना है कि कर्मचारियों ने खाद, बीज मिल जाने का आश्वासन दिया है। निजी दुकानों से महंगे दाम पर खरीदकर बोआई कर रहे हैं।