गो आधारित प्राकृतिक खेती को फिर से शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से देश भर के किसानों को जागरूक और प्रेरित किया। इसमें देश के हजारों किसानों के साथ बनारस के सभी विकास खंड और कृषि विज्ञान केंद्र कल्लीपुर से कुल दो हजार से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया।
सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) योजना के तहत किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रधानमंत्री ने चौकाघाट स्थित गिरिजा देवी संकुल में किसानों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने किसानों को पुरानी परंपराओं को फिर से अपनाने और प्राकृतिक खेती के सभी राज्यों से प्राकृतिक खेती को जन आंदोलन बनाने का आग्रह किया। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि हमारी प्राकृतिक खेती की प्राचीन पद्धति रही है। प्रधानमंत्री ने आह्वान किया है कि बैक टू बेसिक बैक टू नेचर यानि हम प्रकृति की ओर चले और प्राकृतिक खेती करें। कृषि विभाग की ओर से ऐसे किसानों के जैवकि उत्पाद की बिक्री के लिए कैनोपी लगाने सुविधा दी जाएगी। जिसके माध्यम से किसान शहर और ग्रामीण इलाकों में अपनी पसंद के स्थान पर अपने जैविक उत्पादों की बेच सकेंगे।
बोले किसान
गिरिजादेवी संकुल चौकाघाट में शामिल होने आऐ पिंडरा, चिरईगांव के किसान संतोष, श्यामलाल पटेल, भोला पटेल, मुन्ना, रामलाल, संतोष ने बताया कि प्रधानमंत्री संबोधन से हम काफी उत्साहित हैं। छोटे किसान फल, सब्जी, अनाज का उत्पादन तो करते हैं, लेकिन उसका उचित मूल्य नहीं मिल पाता। ये प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की सबसे बड़ी चुनौती है।
कहीं भी बेच सकेंगे उत्पाद
उपनिदेशक कृषि अखिलेश सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के आह्वान को साकार करने के लिए विभाग की ओर से किसानों को कैनोपी उपलब्ध कराई जाई जाएगी। जिसका इस्तेमाल कर किसान अपने उत्पाद कही भी बेच सकेंगे। इसके लिए प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों चांदपुर स्थित कृषि विभाग के कार्यालय में संपर्क करना होगा।