परिजनों का कहना था कि धान की फसल खलिहान में जलने से वह सदमें में थे। बुधवार की रत अचानक सीने में दर्द के बाद उनकी हालत बिगड़ती गई। परिजनों का आरोप है कि उनके निधन की सूचना के बाद भी प्रशासन से कोई भी घर नहीं आया। बाद में परिवार वालों ने गुरुवार को गुरैनी गांव स्थित गंगा नदी में अंतिम संस्कार कर दिया।