टेंगरा मोड़-भीटी बाइपास पर एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान हत्थे चढ़े गिरोह के सदस्यों ने जब संभागीय परिवहन विभाग के कर्मचारियों से मिली भगत कर अवैध वसूली के कई राज उगले तो डिपार्टमेंट में हड़कंप मच गया। इस दौरान एआरटीओ के निजी चालक और सिपाही सहित 19 लोगों के खिलाफ रविवार को थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
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पूछताछ के दौरान पता चला कि भदोही से चित्रकूट बदली होने के बाद भी एआरटीओ का सिपाही सुमित राय और जौनपुर में तैनात सिपाही दीपक सिंह मोबाइल फोन से अवैध वसूली करने वाले गिरोह को सूचना देते रहते थे। इस काम में एआरटीओ अरुण राय के चालक जितेंद्र सिंह यादव और यात्रीकर अधिकारी केपी गुप्ता के निजी चालक इकबाल का भी नाम सामने में आया है।
यह अधिकारियों के मूवमेंट से पहले इसकी जानकारी साझा कर देते थे। इसके बदले में वाहन मालिक उन्हें मोटी रकम देता था। एआरटीओ(प्रवर्तन) एके राय ने कहा कि चालक की हरकतों को देखते हुए उसे हटा दिया गया। चालक से कोई लेना-देना नहीं है।