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UP: अशोक पर निर्भर थी परिवार की आजीविका, हादसे से छिन गया मासूम बच्चों का सहारा; मौत की खबर से मचा कोहराम

Fri, 26 Jun 2026 10:07 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।

सार

Sonbhadra News: चंदौली के चकरघट्टा थाना क्षेत्र में भूसा लादने पहली बार गए अशोक की हादसे में मौत हो गई। अशोक ही परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

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अशोक की माैत के बाद बिलखता परिवार। - फोटो : संवाद
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UP News: चंदौली जिले के चकरघट्टा थाना क्षेत्र में भूसे की लदान करने जाते समय करंट की चपेट में आकर अशोक (28) की मौत ने परिवार से उनका कमाऊ पूत छिन लिया। इसके साथ ही दो मासूम बच्चों से भी उनका सहारा छिन गया। परिवार के लोगों को जैसे ही मौत की खबर मिली वह दहाड़े मारकर रो उठे। वह पहली बार जिले की सीमा से सटे चंदौली जिले में भूसे की लदान करने के लिए गया हुआ था। परिवार के लोगों को भरोसा दिया था कि वह जल्द लौट आएगा लेकिन घर पर उसके मौत की खबर पहुंची।

परिजनों के साथ पोस्टमार्टम हाउसे पहुंचे पिता लालब्रत की हालत बेसुधों वाली थी। अशोक तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। वह कई वर्षों से भूसा लदान का काम कर रहा था। घर का बड़ा बेटा होने के नाते परिवार की आजीविका काफी हद तक उसी पर निर्भर थी। 

छह-सात साल पूर्व उसकी शादी हुई थी। उसे दो बच्चे हैं। एक की उम्र पांच साल तो दूसरे की महज डेढ़ वर्ष है। पत्नी-मां का भी रो-रोकर बुरा हाल था। बच्चों का पालन-पोषण कैसे होगा? इसकी चिंता वहां मौजूद सभी को सताए हुए थी।

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परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते सहयोग के जरिए देर शाम हिंदुआरी में उसका अंतिम संस्कार कराया गया। अशोक के साथ ही हिनौता निवासी रविंद्र (40), आमडीह निवासी विनोद (48), नंदू (60), सद्दाम (45) को उपचार के लिए लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचने वाले रवींद्रनाथ यादव ने बताया कि भूसा लोड करने के लिए ले जाए गए वाहन को कोई और चला रहा था। 

वह सहयोगी के रूप में केबिन में बैठा हुआ था। आमडीह प्रधान पंकज सिंह ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। अशोक घर का कमाऊ पूत था। उसकी मौत से परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा।

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