फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसीः शहीद दो जेसीओ को 39 जीटीसी में दी गई श्रद्धांजलि

Tue, 25 Dec 2018 10:39 AM IST
shashikant misra न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
विज्ञापन
शहीद को श्रद्धांजलि देते परिजन - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
‘बिछड़ा कुछ इस अदा से कि रुत बदल गई, इक शख्स सारे शहर को वीरान कर गया..’ कुछ ऐसा ही माहौल देखने को मिला सोमवार को। सरहद के हिफाजत के लिए जान न्योछावर करने वाले गोरखा राइफल्स के दो शहीद जवानों सूबेदार रमन थापा और सूबेदार गमन बहादुर थापा को बनारस के 39 जीटीसी के दुर्गा मंदिर मैदान में सशस्त्र सलामी दी गई तो हर आंख नम थी और गर्व से सीना चौड़ा।
विज्ञापन


अंतिम सलामी के बाद शहीदों के पार्थिव शरीर को फूलों से सजे सेना के वाहनों से अंतिम संस्कार के लिए हरिश्चंद्र घाट रवाना किया गया। इस दौरान शहीदों के परिजनों का करुण क्रंदन देख मौजूद लोगों की आंखें डबडबा गईं। वीर सपूतों को श्रद्धांजलि देने के लिए पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी तो पहुंचे लेकिन जिले के किसी जनप्रतिनिधि ने उपस्थिति नहीं दर्ज कराई।

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में 21 दिसंबर को आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान वीर रमन बहादुर थापा और गमर बहादुर थापा वीरगति को प्राप्त हुए थे। दोनों जवान मूल रूप से नेपाल के लुंबिनी क्षेत्र के रहने वाले थे।
विज्ञापन


इससे पहले दोनोें जवानों का पार्थिव शरीर सेना के विशेष विमान से गोरखपुर और फिर वहां से सड़क मार्ग से 39 जीटीसी लाया गया। शहीद रमन थापा के पिता फौज से रिटायर्ड हैं जबकि गमर बहादुर के पिता नहीं है। गमर बहादुर के दो पुत्र और रमन का एक पुत्र है।

अंतिम सलामी देने वालों में कमांडेंट ब्रिगेडियर हुकुम सिंह बैंसला, डिप्टी कमांडेंट बृजेश सावयान, भर्ती निदेशक राजेश सिंह ठाकुर, डीएम सुरेंद्र सिंह, एसएसपी आनंद कुलकर्णी, जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी सतीश चंद्र मिश्रा के अलावा तमाम सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन

फरवरी में होने वाली थी बहन की शादी

शहीद रमन थापा की छोटी बहन की शादी आगामी फरवरी महीने में होने वाली थी। पिता ने बताया कि इसके लिए उनका बेटा लंबी छुट्टी लेकर घर आने वाला था। उन्हें गर्व है कि उनके बेटे ने देश की रक्षा के लिए जान न्योछावर की है।

पूरा भरोसा है कि वीर जवानों की शहादत का बदला उनके सैनिक साथी जरूर लेंगे। वहीं, ब्रिगेडियर बैंसला ने कहा कि अपने शहीद जवानों के परिजनों की मदद के लिए वो हर समय तैयार खड़े मिलेंगे। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें