मौके से दो लाख रुपये के जो सैनिटाइजर बरामद हुआ है, उस पर सिप्ला कंपनी के नाम का स्टीकर भी लगाया गया था। जब कंपनी के स्थानीय अधिकारियों को बुलाकर पूछताछ की गई तो उन्होंने ऐसे किसी भी सैनिटाइजर बनाने से इंकार कर दिया गया। मौके से सैनिटाइजर के भरे बोतल के साथ ही खाली बोतल और ढक्कन भी बरामद हुए है।
कई और नाम आ सकते हैं सामने
केजी गुप्ता ने बताया कि प्रथम दृष्टया इसमें तीन चार लोगों के शामिल होने की जानकारी मिल रही है। इस सैनिटाइजर को जैम पोर्टल के माध्यम से सरकारी विभागों को सप्लाई की जाती थी। फिलहाल मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई चल रही है। सहायक आयुक्त ने बताया कि मामले की जांच के बाद और भी नाम सामने आ सकते हैं।