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अफसर दामाद पाने की लालसा पड़ी भारी, सच सामने आने पर उड़े होश

Thu, 04 Jan 2018 02:16 PM IST
पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी
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सरकारी नौकरी में अफसर दामाद पाने के लिए लोग लाखों-लाख खर्च करने को तैयार बैठे हैं। ऐसा ही कुछ हुआ उन चार युवतियों के परिजनों के साथ जिन्हें वाराणसी में पकड़े गए कामरान ने ठगा। 
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कामरान ने उनके परिवार वालों की अफसर दामाद पाने की लालसा का फायदा उठाया और उन्हें ठगता रहा। हाईस्कूल फेल कामरान के झांसे में आने वालों ने महज उसके बातचीत के अंदाज और हावभाव से ही उसे बैंक मैनेजर मान लिया। उसके घर या दफ्तर तक जाकर एक बार भी बगैर असलियत जाने लाखों रुपये गंवा बैठे।

इस नादानी के चलते एक-दो नहीं बल्कि उसने चार युवतियों और उनके परिवार वालों को ठगा। मंगलवार को गिरफ्त में आए कामरान ने महज आठ महीने में मजदूर से लखपति बनने का सफर तय किया। अंतत: उसकी सच्चाई सामने आई और उसे मंगलवार को जेल भेजा गया। भागलपुर निवासी बेरोजगार कामरान रजा करीब आठ माह पहले मई, 2017 में अपने ममेरे भाई के पास पुणे गया।
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वहां उसने वेल्डिंग का काम सीखा और इसके बाद वापस पटना आ गया। पटना में उसने लार्सन एंड टूब्रो कंपनी में वेल्डिंग का काम मांगा लेकिन मिला नहीं। फिर वह आरा गया और वहां निर्माणाधीन अपार्टमेंट में काम मांगा।

इसी दौरान आरा रेलवे स्टेशन पर एक युवती से जान-पहचान हुई तो कामरान के बैंक मैनेजर बनने की कहानी शुरू हुई।आरा निवासी युवती से दोस्ती, फिर प्यार और दोनों की एक-दूसरे से शादी के वादे से कामरान को युवती के परिजनों ने दहेज के तौर पर 26 लाख रुपये दिए।

आरा निवासी युवती ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में कामरान के खिलाफ आरा में मुकदमा दर्ज कराया है। गोदौलिया क्षेत्र की एएनएम ने कामरान के शौक पूरे करने के लिए उस पर हजारों रुपये खर्च किए।

शिवपुर क्षेत्र की युवती भी उसे महंगे उपहार देती थी और चंदौली की युवती की मां पांच लाख देकर और पांच लाख रुपये देने की तैयारी में थी। सभी उसके बुने जाल में फंसते रहे लेकिन किसी ने भी उसकी असलियत जानने की कोशिश नहीं की।

सुबह 10 बजे निकलता था और शाम पांच बजे के बाद लौटता था

कामरान के मकान मालिक और पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि वो रोजाना सुबह 10 बजे अपने कमरे से निकल जाता था और शाम पांच बजे के बाद ही लौटता था। लोग यही जानते थे कि वह अपने बैंक गया है।

वह रोजाना मार्निंग वॉक भी पड़ोसियों के साथ करता था और सभी से उसके संबंध मधुर थे। उसका रहन-सहन देखकर भी कभी किसी को अंदाजा नहीं लगा कि वह हाईस्कूल फेल है और आठ महीने पहले मजदूरी करने के लिए भी मारा-मारा फिर रहा था।

कामरान ने पुलिस और एटीएस की पूछताछ में आसानी से अपना गुनाह कबूल करते हुए कहा कि उससे बहुत बड़ी गलती हुई है। उसने बताया कि उसे शुरू से ही बैंक मैनेजर का पद अच्छा लगता था। पहली बार जब आरा निवासी युवती उसके झांसे में आ गई तो वह आश्वस्त हो गया कि इस तरह वह तमाम लोगों को ठग सकता है।

उसने बताया कि चंदौली निवासी युवती के मामा ने उसके साथ शादी को लेकर आपत्ति जताई थी और घर जाने की बात कही थी लेकिन उसने उसकी मां को अपनी बातों में ऐसा फंसाया कि उसकी राह आसान हो गई। बताया कि चारों युवतियां उसके किराये के कमरे पर आती थीं और किसी को एक-दूसरे के बारे में पता नहीं था।
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आतंकी कनेक्शन और लव जेहाद की हो रही थी तस्दीक


नाम, पता और धर्म गलत बताकर फर्जी परिचय पत्रों व आधार कार्ड के सहारे शिवपुर क्षेत्र में रह रहा कामरान अक्तूबर से ही खुफिया एजेंसियों की निगाहों में था। सर्विलांस की मदद से उसका मोबाइल एजेंसियों के रडार पर था।

एजेंसियां तस्दीक कर रही थीं कि कामरान का आतंकवादियों से कोई कनेक्शन तो नहीं है। साथ ही चारों युवतियों से हो रही बातचीत के मद्देनजर लव जेहाद के एंगल से भी खुफिया एजेंसियां पड़ताल कर रही थीं। मगर, चारों युवतियों के मामले में यही सामने आया कि कामरान सिर्फ रुपये ऐंठ रहा है।

जब चंदौली की युवती की मां ने खेत बेचकर कामरान को पांच लाख रुपये देने की बात कही तो एजेंसियों को लगा कि भोले-भाले लोग लगातार ठगे जा रहे हैं। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि कामरान के पास से फर्जी आधार कार्ड सहित अन्य जाली परिचय पत्र बरामद हुए हैं। पुलिस रिमांड पर लेकर उससे फर्जी आधार कार्ड और परिचय पत्र बनाने वालों की जानकारी जुटाएगी और उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
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