श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन के लिए शनिवार को श्रद्धालुओं की कतार में खड़ा एक फर्जी दरोगा पकड़ा गया। चौक थाने में की गई पूछताछ में उसकी पहचान जालौन जिले के नदीगांव थाना क्षेत्र के सलइयाखुर्द निवासी अभय प्रताप सिंह के रूप में हुई। परिजनों से बातचीत में पता लगा कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं है और ग्वालियर में उसका उपचार चल रहा है। पत्नी से झगड़ा करने के बाद वह शुक्रवार को घर से निकला था। अयोध्या होते हुए वह शनिवार की सुबह काशी आया।
विश्वनाथ धाम के पूर्वी द्वार के समीप सुबह के समीप श्रद्धालुओं की कतार में दरोगा की वर्दी पहने हुए एक युवक घुस गया। उसकी वर्दी सिकुड़ी और कुछ जगह फटी हुई थी। वर्दी पर नेमप्लेट और बेल्ट पर यूपी पुलिस का लोगो नहीं था। वह पुलिस कैप भी नहीं लगाया था और काले रंग का स्पोर्ट्स शू पहने हुआ था।
वर्दी के अंदर वह नीले रंग की गोल गले की बनियान जैसे पहना हुआ था। धाम की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस कर्मियों को युवक के दरोगा होने पर शंका हुई तो उन्होंने इंस्पेक्टर चौक विमल मिश्रा को सूचना दी। पुलिस युवक को पकड़ कर चौक थाने ले गई और एसीपी दशाश्वमेध प्रज्ञा पाठक व डीसीपी काशी जोन पहुंचे।
लगभग तीन घंटे से ज्यादा समय तक युवक से पूछताछ कर पुलिस ने उसके परिजनों से बात की। इस संबंध में डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने बताया कि युवक का व्यवहार असामान्य प्रतीत हुआ है। उसके परिजनों ने बताया कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं है और उसका उपचार चल रहा है। उसके खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा जाएगा।