फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: विश्वनाथ धाम में भक्तों की कतार में पकड़ा गया फर्जी दरोगा, मुस्कुराते हुए बोला- वर्दी में करना था दर्शन

Sat, 03 Aug 2024 12:38 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में फर्जी दरोगा पुलिस के हत्थे चढ़ा है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। वर्दी पहनकर वह श्रद्धालुओं को मंदिर में दर्शन कराने ले जा रहा था। 
विज्ञापन
फर्जी दरोगा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन के लिए शनिवार को श्रद्धालुओं की कतार में खड़ा एक फर्जी दरोगा पकड़ा गया। चौक थाने में की गई पूछताछ में उसकी पहचान जालौन जिले के नदीगांव थाना क्षेत्र के सलइयाखुर्द निवासी अभय प्रताप सिंह के रूप में हुई। परिजनों से बातचीत में पता लगा कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं है और ग्वालियर में उसका उपचार चल रहा है। पत्नी से झगड़ा करने के बाद वह शुक्रवार को घर से निकला था। अयोध्या होते हुए वह शनिवार की सुबह काशी आया।

विज्ञापन


विश्वनाथ धाम के पूर्वी द्वार के समीप सुबह के समीप श्रद्धालुओं की कतार में दरोगा की वर्दी पहने हुए एक युवक घुस गया। उसकी वर्दी सिकुड़ी और कुछ जगह फटी हुई थी। वर्दी पर नेमप्लेट और बेल्ट पर यूपी पुलिस का लोगो नहीं था। वह पुलिस कैप भी नहीं लगाया था और काले रंग का स्पोर्ट्स शू पहने हुआ था। 

वर्दी के अंदर वह नीले रंग की गोल गले की बनियान जैसे पहना हुआ था। धाम की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस कर्मियों को युवक के दरोगा होने पर शंका हुई तो उन्होंने इंस्पेक्टर चौक विमल मिश्रा को सूचना दी। पुलिस युवक को पकड़ कर चौक थाने ले गई और एसीपी दशाश्वमेध प्रज्ञा पाठक व डीसीपी काशी जोन पहुंचे। 
विज्ञापन


लगभग तीन घंटे से ज्यादा समय तक युवक से पूछताछ कर पुलिस ने उसके परिजनों से बात की। इस संबंध में डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने बताया कि युवक का व्यवहार असामान्य प्रतीत हुआ है। उसके परिजनों ने बताया कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं है और उसका उपचार चल रहा है। उसके खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा जाएगा।

विज्ञापन

जालौन में ही थाने के बाहर पाया था पुरानी वर्दी

पुलिस की गिरफ्त में आया अभय प्रताप सिंह खेती करता है। वह दो बच्चों का पिता है। उसकी पत्नी उर्मिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति ऐसे ही कहीं भी चले जाते हैं और फिर वापस आ जाते हैं। वहीं, अभय ने बताया कि वह जो खाकी वर्दी पहना है उसे अपने स्थानीय थाने के बाहर ही पाया था। शुक्रवार को पत्नी से झगड़ा हुआ तो वह खाकी वर्दी पहन कर अयोध्या गया था, लेकिन वहां मंदिर बंद हो गया था तो दर्शन-पूजन नहीं कर पाया। अयोध्या से वह काशी चला आया और विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन करने आ गया।

मुस्कुराते हुए खड़ा था, बोला- वर्दी में करना था दर्शन
अभय को पुलिस ने पकड़ा तो इस बात के लिए परेशान नहीं दिखा कि उसे जेल भेजा जाएगा। वह मुस्कुरा रहा था। पत्रकारों ने उससे पूछा कि दरोगा की वर्दी पहन कर क्यों आए हो। इस पर उसका कहना था कि वह वर्दी पहन कर देवी-देवताओं के बड़े मंदिरों में दर्शन-पूजन करना चाहता था। अयोध्या में सफलता नहीं मिली तो वह काशी आ गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें