डीसीपी क्राइम ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मऊ, मिर्जापुर और बिहार के रोहतास जिले के निवासी शामिल हैं। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि गिरोह सबसे पहले शेयर बाजार, व्यापार और निवेश में रुचि रखने वाले लोगों के डेटा जुटाता था। इसके बाद कॉल सेंटर में कार्यरत युवक-युवतियां खुद को सेबी में पंजीकृत संस्था एनकेडी एसोसिएट्स का प्रतिनिधि बताकर संपर्क करते थे।
लोगों का भरोसा जीतने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाता था। शेयर बाजार में मोटा मुनाफा दिलाने और निवेश संबंधी सलाह देने के नाम पर सदस्यता शुल्क तथा खाता प्रबंधन शुल्क विभिन्न बैंकों के क्यूआर कोड और यूपीआई आईडी के माध्यम से जमा कराया जाता था। इस संबंध में भेलूपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि गिरोह के सरगना चंदौली के सकलडीहा स्थित तुलसी आश्रम निवासी अंबर सिंह मौर्य की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश में भी टीमें गठित की गई हैं। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के तार दिल्ली या गुरुग्राम से भी जुड़े हो सकते हैं। फर्जी कॉल सेंटर पिछले तीन महीने से संचालित हो रहा था। भवन की दूसरी और तीसरी मंजिल पर इसका संचालन किया जा रहा था।