अच्छे मानसून की उम्मीद, नर्सरी के लिए खेत करें तैयार
पिछले कई सालों में सूखे के बाद इस बार बेहतर मानसून की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में किसानों को भी धान की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है। कृषि विज्ञानी भी मानते हैं कि अब किसानों को खेत तैयार कर धान की नर्सरी 20 मई से डालना प्रारंभ कर देना चाहिए। इससे समय से रोपाई हो सकेगी और पैदावार अधिक होगी।
कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रोफेसर आरपी सिंह का कहना है कि लंबी अवधि 135 से 140 दिन में तैयार होने वाली धान की प्रजातियों की नर्सरी 20 मई से 20 जून के बीच डाल देनी चाहिए। 18-20 दिन की नर्सरी की रोपाई कर देनी चाहिए। इससे पैदावार अच्छी होती है। उन्होंने बताया कि बीएचयू के कृषि फार्म हाउस से धान की कई उन्नतशील प्रजातियों को दिया जा रहा है। किसान वहां से बीज लेकर धान की अच्छी फसल उगा सकते हैें। बीज 30-35 रुपये प्रतिकिलो उपलब्ध कराई जा रही है। सभी प्रजातियां बीएचयू में विकसित की गई हैं।
उधर, जिला कृषि विभाग भी धान की फसल के लिए तैयारियों में जुट गया है। धान की नर्सरी के साथ ही खेत तैयार करने के लिए ढैंचा भी ब्लाकों पर उपलब्ध करा दिया गया है। किसान वहां से इसका बीज ले सकते हैं। साथ ही न्याय पंचायत स्तर पर सोसाइटियों द्वारा भी खाद बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
पुरवा हवा के झोंके चलने से भीषण गर्मी के साथ उमस बेचैनी बढ़ाने लगी है। रविवार को उमस के चलते लोग घरों में भी बेहाल रहे। लोकल हीटिंग के चलते पूर्वांचल में आंधी-पानी के आसार हैं। हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने के भी संकेत मिले हैं। ऐसा होते ही तेज हवा के साथ कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।
बाबतपुर मौसम केंद्र के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस रहा लेकिन उमस बेतहाशा बढ़ने से लोग पसीने से तर-ब-तर होते रहे। घरों में भी कूलर-पंखे की हवा उमस से निजात नहीं दिला सकी। न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बीएचयू के मौसम विज्ञानी डॉ. राजीव भाटला के अनुसार उमस बढ़ गई है। आंधी के साथ बारिश भी हो सकती है।