दो दिवसीय अखिल भारतीय संत समिति की बैठक में इस मुद्दे पर संतों ने अपनी सहमति जता दी है। शहर के मध्य में ही पांच एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है। प्रशिक्षण केंद्र में सनातन धर्म के युवाओं को कर्मकांड और पूजा का प्रशिक्षण आचार्य देंगे। छात्रों को विद्वानों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां से निकलने वाले प्रशिक्षु देश के साथ ही दुनिया भर के हिंदू मंदिरों में पूजा के लिए भेजे जाएंगे। प्रशिक्षित कर्मकांडी की संख्या बेहद कम है। इसको ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय संत समिति ने कर्मकांड और पूजा प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना पर सहमति दी है।
गांव के मंदिरों में है पुजारियों की कमी
पाताल पुरी पीठाधीश्वर बालक दास महाराज ने बताया देश के ग्रामीण इलाकों में मंदिर तो हैं लेकिन वहां पर पुजारियों की संख्या सीमित है। ऐसे ही आदिवासी इलाकों का भी यही हाल है। ऐसी दशा में काशी में खुलने वाला पुजारी प्रशिक्षण केंद्र देश भर के मंदिरों में पुजारियों की कमी को दूर करेगा।
संस्कृत अध्ययन करने वालों को मिलेगा रोजगार
राष्ट्रीय महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि संस्कृत का अध्ययन करने वाले युवाओं को पुजारी प्रशिक्षण केंद्र के जरिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। कौशल विकास की तर्ज पर ही यहां संस्कृत के अध्ययन करने वाले छात्रों को व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ ही रोजगार भी दिया जाएगा। काशी में पुजारी प्रशिक्षण केंद्र के लिए भूमि चयन करने के बाद प्रशिक्षण केंद्र के स्वरूप को तय किया जाएगा।